महाराष्ट्र में डायरेक्ट सेकंड ईयर इंजीनियरिंग एडमिशन में उछाल, 50,153 स्टूडेंट्स को मिला कॉलेज
सीईटी सेल ने महाराष्ट्र की डायरेक्ट सेकंड ईयर इंजीनियरिंग एडमिशन प्रक्रिया का फाइनल डेटा जारी किया, पिछले साल के मुकाबले एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है।
महाराष्ट्र स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सेल यानी सीईटी सेल ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए डायरेक्ट सेकंड ईयर इंजीनियरिंग यानी डीएसई एडमिशन की फाइनल आंकड़े जारी कर दिए हैं। हर साल की तरह इस बार भी सीईटी सेल के जरिए यह प्रोसेस पूरी की गई और इसमें इंजीनियरिंग की क्रेज साफ नजर आ रही है।
इस बार कुल 50,153 स्टूडेंट्स ने इंजीनियरिंग की सीटों पर एडमिशन कन्फर्म किया है। पिछले शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के मुकाबले इस साल एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की गिनती में 7,421 का इजाफा हुआ है, क्योंकि पिछले साल 42,732 स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया था। इस पूरी एडमिशन प्रोसेस के लिए राज्यभर में कुल 53,328 सीटें उपलब्ध थीं, जबकि एडमिशन के लिए कुल 70,038 कैंडिडेट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस 7 जुलाई से 22 जुलाई 2026 के बीच हुई।
सीईटी सेल के जारी डेटा को देखें तो पिछले चार साल में डायरेक्ट सेकंड ईयर इंजीनियरिंग एडमिशन में लगातार बढ़ोतरी होती दिख रही है। 2026-27 में 50,153, 2025-26 में 42,732, 2024-25 में 41,902 और 2023-24 में 34,523 स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया था। यानी हर साल इंजीनियरिंग की तरफ स्टूडेंट्स का रुझान बढ़ता जा रहा है।
यह पूरी एडमिशन प्रोसेस सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रोसेस यानी सीएपी के तहत चार राउंड में और उसके बाद इंस्टीट्यूशनल राउंड के जरिए पूरी की गई। पहले राउंड में 13,177, दूसरे राउंड में 13,046, तीसरे राउंड में 9,439 और चौथे राउंड में 9,400 एडमिशन हुए। इसके अलावा दूसरे कोटा के तहत भी एडमिशन हुए, जिनमें सीएपी के तहत 4,638, माइनॉरिटी कोटा यानी सीएपी माइनॉरिटी के तहत 417, और जम्मू-कश्मीर व एआईसीटीई कोटा के तहत 36 एडमिशन हुए।
इंस्टीट्यूशनल राउंड की प्रोसेस पूरी होने के बाद उपलब्ध 53,328 सीटों में से 50,153 सीटें भर गई हैं। इसका मतलब यह है कि सीएपी कोटे में कुल 3,175 इंजीनियरिंग की सीटें अभी भी खाली रह गई हैं।