लालबागचा राजा 2026: अब 3D प्रिंटर से बन रहे बाप्पा, रोज 1000 मूर्तियां बनाने की क्षमता
मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा गणेशोत्सव में इस बार तकनीक की एंट्री हुई है, कंपनी WOL3D ने 3D प्रिंटिंग से बाप्पा की मूर्तियां और लालबागचा राजा की छोटी प्रतिकृतियां बनाकर पेश की हैं।
गणेशोत्सव में अमूमन श्रद्धा, परंपरा और हाथ से बनी कलाकारी की झलक दिखती है, लेकिन इस बार मुंबई के लालबागचा राजा के पंडाल में इस परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक भी जुड़ गई है। 3D प्रिंटिंग के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी WOL3D ने गणेशोत्सव के मौके पर 3D प्रिंटिंग तकनीक से तैयार बाप्पा की मूर्तियां और लालबागचा राजा की लघु प्रतिकृतियां पेश की हैं।
WOL3D अपनी स्थापना के 10 साल पूरे कर रही है, और यह खास पहल इसी मौके पर शुरू की गई है। कंपनी अपने BRAHMA प्रोजेक्ट के जरिए 3D प्रिंटिंग तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। इसी के तहत रंग-बिरंगी गणेश मूर्तियां और लालबागचा राजा की छोटी प्रतिकृतियां असल में 3D प्रिंटिंग से कैसे बनती हैं, इसकी झलक लोगों को देखने को मिल रही है।
3D प्रिंटिंग पारंपरिक तरीके से बिल्कुल अलग प्रक्रिया है। इसमें किसी मोल्ड की जरूरत नहीं पड़ती, यह Additive Manufacturing प्रक्रिया है, जिसमें डिजिटल डिजाइन के आधार पर एक-एक परत जोड़कर चीज तैयार की जाती है। इस तकनीक से बारीक और पेचीदा डिजाइन भी आसानी से बनाए जा सकते हैं। साथ ही, ग्राहक की जरूरत के हिसाब से चीज को कस्टमाइज करना और मटीरियल की बर्बादी कम करना भी मुमकिन हो जाता है।
इस पहल की एक और खास बात है कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी। कंपनी के मुताबिक, उनके BRAHMA 3D Farm में 200 प्रिंटर चल रहे हैं, और इनकी मदद से हर दिन करीब 1,000 बाप्पा की मूर्तियां बनाने की क्षमता है। कंपनी का कहना है कि इससे यह साबित होता है कि 3D प्रिंटिंग सिर्फ प्रोटोटाइप या सैंपल बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़े स्तर पर रिटेल प्रोडक्शन, पर्सनल जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज्ड सामान और क्रिएटिव मर्चेंडाइज बनाने में भी इसका इस्तेमाल हो सकता है।
WOL3D के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल चंदालिया ने इस पहल पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि कंपनी के दस साल पूरे होने के मौके पर लालबागचा राजा से जुड़ना उनके लिए खास बात है। उन्होंने बताया कि 3D प्रिंटेड बाप्पा की मूर्तियों और लालबागचा राजा की छोटी प्रतिकृतियों को लोगों का रिस्पॉन्स काफी अच्छा मिल रहा है।
चंदालिया ने यह भी बताया कि BRAHMA के जरिए कंपनी का मकसद भारत का सबसे बड़ा दिव्य कलेक्शन तैयार करना है, और लालबागचा राजा में शुरू की गई यह पहल उसी दिशा में एक अहम पहला कदम है।
लालबागचा राजा उत्सव की यह पहल धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा और नई मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी के बढ़ते मेल को भी दिखाती है। 3D प्रिंटिंग का इस्तेमाल अब सिर्फ प्रोटोटाइप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट्स, क्रिएटिव मर्चेंडाइज और रिटेल प्रोडक्शन तक फैल गया है। गणेशोत्सव के पारंपरिक माहौल में आधुनिक 3D प्रिंटिंग तकनीक से बनी बाप्पा की मूर्तियां देखने का मौका अब मुंबईकरों को मिल रहा है। श्रद्धा, क्रिएटिविटी और तकनीक का यह मेल गणेशोत्सव में एक अलग आकर्षण बनकर उभरा है।