कॉलेज कार्यक्रम में डायलॉग बोलने पर प्रोफेसर भड़के, स्टूडेंट की कॉलर पकड़ी, NSUI ने मांगी माफी
अहमदाबाद के एक विश्वविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट के डायलॉग बोलने पर प्रोफेसर ने स्टेज पर बुलाकर कॉलर पकड़ी, वीडियो वायरल होने पर NSUI ने माफी और आंदोलन की चेतावनी दी।
आईआईटी बॉम्बे के स्टूडेंट साहिल वाकोडे की खुदकुशी का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि स्टूडेंट और प्रोफेसर के बीच झगड़े का एक और मामला सामने आ गया है। गुजरात के अहमदाबाद के एक विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट की एक कमेंट पर प्रोफेसर का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्टूडेंट को स्टेज पर बुलाकर उसकी कॉलर पकड़ ली। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में प्रोफेसर गुस्से में दिख रहे हैं। उन्होंने कमेंट करने वाले स्टूडेंट को स्टेज पर बुलाया और कथित तौर पर उसकी कॉलर पकड़कर धमकाया। वीडियो सामने आने के बाद स्टूडेंट संगठन NSUI यानी नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ने प्रोफेसर से माफी मांगने की मांग की है, और चेतावनी दी है कि माफी नहीं मिली तो तीखा प्रदर्शन किया जाएगा।
मिली जानकारी के मुताबिक, विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रुमेंटेशन डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने 'टेक्नोफोरा' (Technofora) नाम के एक कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें स्टैंडअप कॉमेडी शो भी शामिल था। इस दौरान स्टेज पर डिपार्टमेंट के एचओडी और प्रोफेसर एच.के. पटेल भी मौजूद थे। शो चल रहा था, तभी एक स्टूडेंट ने फिल्म 'गोलमाल 3' का मशहूर डायलॉग बोल दिया - 'जल्दी बोल, कल सुबह पनवेल निकलना है।'
यह डायलॉग सुनते ही प्रोफेसर एच.के. पटेल भड़क गए और उन्होंने स्टूडेंट को तुरंत स्टेज पर बुला लिया। वीडियो में प्रोफेसर स्टूडेंट की कॉलर पकड़कर उसे चेतावनी देते दिख रहे हैं। कथित तौर पर उन्होंने स्टूडेंट को कहा कि कैंपस में किसी भी फैकल्टी मेंबर का अपमान किया गया तो वे सख्त कार्रवाई करेंगे, और उसे हमेशा के लिए यूनिवर्सिटी से सस्पेंड भी किया जा सकता है।
वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद इंटरनेट पर दो तरह की बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने गुस्सा जताते हुए कहा कि स्टूडेंट को टीचर के लिए ऐसा कमेंट नहीं करना चाहिए था। दूसरी तरफ NSUI ने कहा कि प्रोफेसर ने स्टूडेंट की कॉलर पकड़ी और उसे धमकाया, इसलिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि माफी नहीं मिलने पर तीखा आंदोलन किया जाएगा।
संगठन ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो यूनिवर्सिटी कैंपस में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। दूसरी तरफ, यूनिवर्सिटी के एक एग्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार ने कहा है कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है। इस मामले पर यूनिवर्सिटी की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया गया है।