मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

कोकण और नाशिक में महारोजगार मेला शुरू, फडणवीस बोले, सिर्फ डिग्री काफी नहीं

मुंबई के एसएनडीटी महिला विद्यापीठ में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले का ऑनलाइन शुभारंभ हुआ।

कोकण और नाशिक में महारोजगार मेला शुरू, फडणवीस बोले, सिर्फ डिग्री काफी नहीं
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि युवाओं को रोजगार के लायक बनाना है तो पढ़ाई के साथ स्किल डेवलपमेंट, ट्रेनिंग और रोजगार को जोड़ना जरूरी है। उनके मुताबिक सिर्फ डिग्री ले लेना काफी नहीं है। एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी बदलती तकनीक के हिसाब से लगातार अपस्किलिंग करना और नए हुनर सीखना वक्त की जरूरत है।

फडणवीस ने बताया कि दुनिया के 28 से ज्यादा देशों में मैनपावर की बड़ी मांग है। महाराष्ट्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के मौके दिलाने के लिए सरकार कोशिश कर रही है। वे श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी (एसएनडीटी) महिला विद्यापीठ में बोल रहे थे, जहां कौशल्य, रोजगार, उद्योजकता व नाविन्यता विभाग की तरफ से पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले का कोकण और नाशिक विभाग के सभी जिलों में ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वीडियो संदेश भेजकर मेले को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों सहीदा परमाणिक को क्रेवा कैपिटल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, बेलापुर और कांती शंभू चव्हाण को क्रेवा कैपिटल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, कुर्ला की तरफ से नियुक्ति पत्र दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 25 साल पूरे होने के मौके पर "सेवा संकल्प अभियान" के तहत यह मेला रखा गया है। उम्मीद है कि इससे कोकण और नाशिक विभाग के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार और स्वरोजगार के मौके मिलेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा, ट्रेनिंग और रोजगार की त्रिसूत्री विकसित भारत के सपने के लिए बहुत अहम है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का "अंत्योदय" और "एकात्म मानव दर्शन" का विचार समाज के आखिरी इंसान तक विकास पहुंचाने वाला है, और सरकार का कामकाज इसी विचार पर चल रहा है।

फडणवीस के मुताबिक 2047 का विकसित भारत बनाने के लिए शिक्षा, ट्रेनिंग और रोजगार से मानव संसाधन तैयार करना सबसे जरूरी मुद्दा है। गरीबी से मुक्त, बेरोजगारी से मुक्त और रोग से मुक्त भारत हमारा सपना है। आज देश की 65 प्रतिशत आबादी काम करने लायक युवा है। एक तरफ उद्योगों को कुशल लोग चाहिए, दूसरी तरफ युवाओं को नौकरी चाहिए, और रोजगार मेले इन दोनों के बीच मजबूत कड़ी का काम कर रहे हैं।

कौशल्य, रोजगार, उद्योजकता व नाविन्यता मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने इसे महाराष्ट्र के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि कोकण और नाशिक विभाग में 418 जगहों पर एक साथ रोजगार मेले हो रहे हैं और एक लाख से ज्यादा युवक-युवतियां इससे जुड़े हैं। लोढा ने कहा कि यह सिर्फ 418 मेलों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाशक्ति को रोजगार से जोड़ने की बड़ी योजना की शुरुआत है। उनके मुताबिक आज रोजगार महाकुंभ की शुरुआत हुई है, यह अंत नहीं है, और हर युवक-युवती को रोजगार या स्वरोजगार का मौका मिलने तक कोशिश नहीं रुकेगी।

लोढा ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस बार मेले सिर्फ आईटीआई के छात्रों तक सीमित नहीं हैं। हर स्तर के युवाओं के लिए हर तालुका में कम से कम तीन छोटे रोजगार मेले किए जा रहे हैं। सिर्फ मेले लगाने की बजाय 7 दिन की मुफ्त प्री-एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग भी दी गई, जो अब तक 61 हजार लड़के-लड़कियां ले चुके हैं। मेले के लिए एक लाख से ज्यादा युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है और लोढा के मुताबिक कम से कम 70 प्रतिशत युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़े बिना वे नहीं रुकेंगे।

उच्च व तंत्रशिक्षण मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि जितने ग्रेजुएट निकलें, उतने रोजगार के रास्ते बनें, इसके लिए उनका विभाग कौशल्य विकास विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहा है। पणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि महाराष्ट्र एशिया का अव्वल निवेश केंद्र और देश की "स्टार्टअप कैपिटल" के तौर पर पहचान बना चुका है। अगर युवाओं को राज्य में ही नहीं, दुनिया में कहीं भी रोजगार का मौका मिले, तो सरकार उन्हें जरूरी भाषा और स्किल की ट्रेनिंग देकर विदेश भेजने को तैयार है।

कार्यक्रम में महिला व बालविकास मंत्री कु. आदिती तटकरे, अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, एसएनडीटी महिला विद्यापीठ की कुलगुरु प्रो. हेमलता बागला, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विद्यापीठ की कुलगुरु डॉ. अपूर्वा पालकर, महाराष्ट्र राज्य कौशल्य विकास सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और आयुक्त डॉ. अमित सैनी और मुंबई शहर की जिलाधिकारी आंचल गोयल मौजूद थीं। कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य भर से ऑनलाइन और सामने बैठकर हजारों विद्यार्थी भी शामिल हुए।

कोकण और नाशिक विभाग के 12 जिलों में ये मेले हो रहे हैं। अब तक 1500 से ज्यादा उद्योजक नियोक्ताओं और एक लाख से ज्यादा नौकरी चाहने वाले युवक-युवतियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। शामिल उद्योगों ने 25,000 से ज्यादा पदों की मांग दर्ज कराई है। जिलावार शैक्षणिक संस्थाओं, कॉलेजों, सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं और स्थानीय प्रशासन के तालमेल से उम्मीदवारों और नियोक्ताओं को जोड़ा गया है। इसमें जिला प्रशासन, उच्च व तंत्र शिक्षण विभाग, कामगार विभाग, उद्योग विभाग, पणन विभाग, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल, विद्यापीठों और औद्योगिक संगठनों का सहयोग मिला।

महिलाओं की रोजगार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए उनका अलग विशेष रोजगार मेला भी रखा गया था। इसमें महिलाओं को नौकरी देने वाले उद्योगों, कंपनियों और सेवा क्षेत्र के संस्थानों की बड़ी भागीदारी तय की गई है। 36 उद्योजकों ने हिस्सा लेने की जानकारी दी है, और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग सरकारी महामंडलों की योजनाओं की जानकारी देने वाले स्टॉल भी लगाए गए हैं।

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