मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
19:47 IST

कीवे ईज़ी हाइपवोल्ट-आर इलेक्ट्रिक स्कूटर: खरीदने से पहले जान लें 3 फायदे और 2 खामियां

भारत में प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेस में अब कीवे ईज़ी हाइपवोल्ट-आर भी शामिल, जानिए इसकी परफॉर्मेंस से लेकर दिक्कतों तक की पूरी बात

कीवे ईज़ी हाइपवोल्ट-आर इलेक्ट्रिक स्कूटर: खरीदने से पहले जान लें 3 फायदे और 2 खामियां
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में एक और नाम जुड़ गया है। कीवे ईज़ी हाइपवोल्ट-आर नाम की यह स्कूटर CKD रूट से देश में आती है और बेनेली व कीवे की डीलरशिप के जरिए बेची जा रही है। EZI ब्रांड का यह भारत में पहला मॉडल है, और इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी परफॉर्मेंस बताई जा रही है।

इस स्कूटर में 12kW की मोटर लगी है, साथ ही 5.04kWh क्षमता वाला ड्युअल-बैटरी सेटअप दिया गया है। स्पोर्ट मोड में यह 0 से 80kph की स्पीड सिर्फ 7.49 सेकंड में पकड़ लेती है, जबकि 0 से 100kph तक पहुंचने में इसे 13.05 सेकंड लगते हैं। राइडर के पास इको, नॉर्मल और स्पोर्ट, ये तीन राइडिंग मोड चुनने का विकल्प रहता है। टेस्ट के दौरान नॉर्मल मोड में एक फुल चार्ज पर स्कूटर ने 125km की दूरी तय की।

डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी के मामले में भी यह स्कूटर ध्यान खींचती है। 14 इंच के पहिये, मोटरसाइकिल जैसा हैंडलबार, आकर्षक बॉडी और प्रीमियम स्विचगियर इसे बाकी स्कूटरों से अलग लुक देते हैं। दोनों पहियों पर डिस्क ब्रेक के साथ ड्युअल-चैनल ABS भी मिलता है। सीट के नीचे 27 लीटर का स्टोरेज है, जिसमें हेलमेट और चार्जर आसानी से रखे जा सकते हैं। इसके अलावा फ्रंट में 4.6 लीटर का स्टोरेज और USB टाइप-ए व टाइप-सी पोर्ट भी दिए गए हैं।

लंबी राइड के लिहाज से भी हाइपवोल्ट-आर आरामदायी साबित होती है। 770mm की सीट हाइट और ऊंचा फ्लोरबोर्ड राइडिंग पोजीशन को रिलैक्स बनाए रखते हैं। शहर की सड़कों पर इसका सस्पेंशन ठीकठाक काम करता है और टायरों की पकड़ भी संतोषजनक रही।

हालांकि खरीदने से पहले कुछ बातें ध्यान में रखनी जरूरी हैं। टेस्टिंग के दौरान पाया गया कि बारिश में इस्तेमाल करने के बाद बैटरी कम्पार्टमेंट में पानी, मिट्टी और कचरा जमा हो जाता है। हर बैटरी का वजन 17.3kg है, इसलिए घर पर चार्जिंग के लिए उन्हें निकालना भी आसान काम नहीं है।

दूसरी दिक्कत इसके इलेक्ट्रॉनिक्स की जटिलता को लेकर है। स्कूटर में ट्रैक्शन कंट्रोल, रिजेनरेटिव ब्रेकिंग, ब्लाइंड-स्पॉट डिटेक्शन, रिवर्स कैमरा और क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर मिलते हैं, लेकिन कई सेटिंग्स को ऐप के जरिए ही कंट्रोल करना पड़ता है। TFT स्क्रीन पर रेंज का सीधा अंदाजा भी नहीं मिलता। Rs 1.99 लाख की एक्स-शोरूम कीमत वाली इस स्कूटर में फीचर तो भरपूर हैं, लेकिन अगर इस्तेमाल की प्रक्रिया थोड़ी आसान होती तो पूरा अनुभव और बेहतर हो सकता था।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे