कर्जत में महिला का पीछा कर छेड़छाड़, पुलिसकर्मी समेत दो पर केस दर्ज
कर्जत में रेलवे पुल के पास महिला की छेड़छाड़ का वीडियो बहन ने रिकॉर्ड किया, गांववालों के हंगामे के बाद आधी रात को दर्ज हुआ मामला
कर्जत में एक महिला के साथ रेलवे पुल के पास छेड़छाड़ का मामला सामने आया है, जिसमें आरोपियों में से एक पुलिसकर्मी निकला। यह पुलिसकर्मी डीवायएसपी के काफिले में तैनात बताया जा रहा है। इस मामले में उसके और उसके साथी के खिलाफ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।
घटना रविवार, १३ सितंबर की रात करीब साढ़े नौ बजे की है। शिकायत करने वाली महिला अपनी बहन के साथ कर्जत बाजार से गुंडगे स्थित अपने घर लौट रही थी। कर्जत ऑक्ट्रॉय नाके के पास रेलवे पुल के इलाके में दो लोगों ने उनका पीछा किया। शिकायत के मुताबिक इनमें से एक ने महिला से "चल येते का चल" कहते हुए उसकी छेड़छाड़ की।
इस घटना के बाद महिला ने अपने पति को फोन कर सारी बात बताई, जिसके बाद पति मौके पर पहुंच गया। वहीं दोनों आरोपियों की पहचान हो गई। इनमें से एक प्रमोद मारोती पाटील (निवासी भिसेगांव) पुलिसकर्मी निकला, जबकि दूसरा महेंद्र भगवान भंडारे (निवासी गुंडगे) था।
इसी दौरान महिला की बहन ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। आरोप है कि पुलिसकर्मी आरोपी ने यह वीडियो डिलीट करवाने के लिए दबाव बनाया। इसके बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लेने की मांग की।
घटना के बाद महिला और उसका परिवार शिकायत दर्ज कराने कर्जत पुलिस स्टेशन पहुंचे। परिवार का आरोप है कि आरोपी पुलिसकर्मी डीवायएसपी के काफिले में होने की वजह से शुरुआत में केस दर्ज करने में आनाकानी की गई। इससे आसपास के गांववाले नाराज हो गए।
शिकायत पर फौरन कार्रवाई की मांग को लेकर करीब २० से ३० गांववाले पुलिस स्टेशन में इकट्ठा हो गए और आरोपियों पर केस दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। गांववालों के इस दबाव के बाद आखिरकार रात करीब साढ़े तीन बजे केस दर्ज किया गया।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) २०२३ की धारा ७५(३), ७८ और ७९ के तहत प्रमोद पाटील और महेंद्र भंडारे के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। खुद एक पुलिसकर्मी पर महिला की छेड़छाड़ का आरोप लगने से इलाके में इस घटना की चर्चा है और आगे की पुलिस जांच पर लोगों की नजर टिकी है।