कांगो में इबोला से 4,018 लोगों की मौत, सात प्रांतों में 8,300 मरीज
कांगो के स्वास्थ्य अधिकारियों के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सात प्रांतों में इबोला के 8,300 मरीज सामने आए हैं और 4,018 की जान गई है।
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप जारी है। कांगो के स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुक्रवार को ताजा आंकड़े जारी किए। इनके मुताबिक सात प्रांतों में इबोला के 8,300 मरीज सामने आए हैं, जिनमें से 4,018 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी अब तक करीब 4 हजार नागरिक इस बीमारी में जान गंवा चुके हैं और कई लोग संक्रमित हैं।
इबोला एक गंभीर वायरल संक्रामक बीमारी है, जिसे Ebola virus disease (EVD) कहा जाता है। इस समय अफ्रीकी देशों में इसका खतरा बड़ी संख्या में बढ़ रहा है। कांगो की स्वास्थ्य संस्था ने कुछ और आंकड़े भी रखे हैं। उनके मुताबिक अब तक 2,162 मरीज इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं। संस्था की ओर से यह भी बताया गया कि इबोला से होने वाली मौतों की दर 48.4 प्रतिशत है।
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहायता संस्था मेडेसिन्स सैन्स फ्रंटियर्स (डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स, यानी एमएसएफ) ने गुरुवार को चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में इबोला से मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। एमएसएफ ने इसकी एक अहम वजह भी बताई। उसके मुताबिक स्थानीय स्तर पर मरीजों की पहचान में देरी हो रही है।
यह DRC के इतिहास का अब तक का बड़ा संकट बताया गया है। इससे पहले पश्चिम अफ्रीका में 2014 से 2016 के बीच इबोला ने कहर बरपाया था और तब भी हजारों लोगों की जान गई थी। अब 2026 में कांगो में फैल रहा इबोला अब तक का सबसे बड़ा प्रकोप है।
इस बीच अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Africa CDC) ने अफ्रीका के बाकी देशों को सतर्क रहने को कहा है। उसकी राय है कि कांगो में भले ही मरीज तेजी से ठीक हो रहे हों, लेकिन आसपास के देशों में इसका फैलाव तेजी से हो सकता है।
ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में Africa CDC के अधिकारी वसम मनकोला ने बताया कि मई के मध्य में इबोला का प्रकोप सिर्फ तीन इलाकों तक सीमित था। अब यह सात प्रांतों के 63 इलाकों तक पहुंच चुका है। इनमें से 45 इलाकों में अभी भी संक्रमण देखने को मिल रहा है।
मनकोला ने यह भी कहा कि पिछले चार से पांच हफ्तों में इस महामारी के मामलों का ग्राफ कुछ हद तक स्थिर रहा है। फिलहाल मरीजों की संख्या कुछ कम भी आई है। फिर भी उन्होंने बताया कि मेडिकल अधिकारियों को लगातार लोगों की स्वास्थ्य जांच करते रहने के निर्देश दिए गए हैं।