कल्याण के चिकनघर में पुनर्विकास पर रहिवाशों के दो गट आमने-सामने, खडकपाडा पुलिस स्टेशन में तनाव
चिकनघर के पुनर्विकास प्रकल्प पर रहिवाशों के दो गट खडकपाडा पुलिस स्टेशन में आमने-सामने आए।
कल्याण पश्चिम के चिकनघर इलाके में टायकून समूह की तरफ से चल रहे पुनर्विकास परियोजना को लेकर निवासियों के बीच ही मतभेद खड़े हो गए हैं। बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद परियोजना के निवासियों के एक गुट ने आक्रामक रुख अपना लिया है। दूसरे गुट का आरोप है कि इस मामले में राजनीति की जा रही है।
चिकनघर परिसर में पुनर्विकास के तहत इमारतें खड़ी करने का काम चल रहा है। लेकिन आरोप है कि संबंधित किराएदारों को अब तक उम्मीद के मुताबिक किराया नहीं मिला है और पुनर्विकास में बनने वाले घर भी नहीं मिले हैं। इसी को लेकर निवासियों ने खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में बिल्डर श्रीकांत शितोले और उनके चार साथियों के खिलाफ शिकायत दी है। एक महिला की शिकायत के बाद निवासियों के एक गुट ने आक्रामक रुख लिया।
इस गुट का कहना है कि बिल्डर की तरफ से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, जबकि हकीकत में न किराया मिल रहा है और न घर। इससे निवासी परेशान हैं। इसलिए वे आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी बीच निवासियों का दूसरा गुट भी खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन पहुंच गया। दोनों गुट आमने-सामने आ गए और कुछ देर के लिए वहां तनाव का माहौल बन गया।
दूसरे गुट के निवासियों का कहना है कि बिल्डर के सामने जो अड़चनें हैं, उन्हें समझना जरूरी है। इस गुट का रुख है कि "हमें घर चाहिए, राजनीति नहीं", यानी उन्हें घर चाहिए, राजनीति नहीं। उनका कहना है, "हमें भी अपना घर चाहिए। लेकिन इस मामले में सिर्फ राजनीति नहीं होनी चाहिए। कुछ राजनीतिक लोग इसमें दखल देकर राजनीति कर रहे हैं। इससे पुनर्विकास का सवाल और उलझ रहा है।"
इसी गुट ने यह मांग भी रखी है कि बिल्डर की अड़चनें अपनी जगह हैं, फिर भी हमें हमारे घर मिलने चाहिए। किसी भी तरह की राजनीति किए बिना पुनर्विकास का सवाल सुलझाया जाए।
इस बीच इस मामले में कांग्रेस भी कूद पड़ी है। कांग्रेस की गुटनेता कांचन कुलकर्णी भी खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन पहुंचीं और उन्होंने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।