कच्चा तेल गुरुवार को सस्ता हुआ, भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 1 अक्टूबर को नहीं बदले
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की कोशिशों के बीच कच्चे तेल में गिरावट रही, पर घरेलू पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम गुरुवार को नीचे आए। बाजार वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर चल रही कूटनीतिक कोशिशों को परख रहा है। दूसरी तरफ ट्रंप के इनकार की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
बुधवार, 30 सितंबर को ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड, दोनों करीब 1 डॉलर प्रति बैरल की बढ़त के साथ बंद हुए थे। आज 1 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड के अक्टूबर फ्यूचर्स करीब 97.36 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहे हैं और लगभग 0.7 फीसदी फिसले हैं। WTI करीब 1 फीसदी टूटकर अभी 89.57 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
पूरे सितंबर की बात करें तो ब्रेंट क्रूड ने महीने का अंत 14 फीसदी की मासिक बढ़त के साथ किया। यह जुलाई के बाद एक महीने में सबसे बड़ी छलांग है। WTI इस दौरान करीब 5 फीसदी चढ़ा।
महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम ऊपर-नीचे होते रहे हैं, लेकिन सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों ने घरेलू ईंधन के दाम नहीं बदले। गुरुवार, 1 अक्टूबर को भी देश के बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट वही रहे। ये कंपनियां ग्लोबल ऑयल बाजार में चल रहे झटकों का बोझ खुद उठा रही हैं।
1 अक्टूबर को पेट्रोल के दाम: दिल्ली में 102.12 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में 113.51 रुपए, मुंबई में 111.21 रुपए, चेन्नई में 107.77 रुपए, हैदराबाद में 115.69 रुपए और बेंगलुरु में 110.89 रुपए प्रति लीटर।
1 अक्टूबर को डीजल के दाम: दिल्ली में 95.20 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में 99.82 रुपए, मुंबई में 97.83 रुपए, चेन्नई में 99.55 रुपए, हैदराबाद में 103.82 रुपए और बेंगलुरु में 98.80 रुपए प्रति लीटर।
पेट्रोल-डीजल के दाम किन बातों से तय होते हैं? ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल की कीमत के अलावा सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों को रुपए-डॉलर का एक्सचेंज रेट, रिफाइनिंग की लागत, टैक्स और डीलर का मार्जिन जैसी कई चीजें देखनी पड़ती हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की रोज की चाल के हिसाब से घरेलू ईंधन के दाम रोज नहीं बदलते।