जूनियर कॉलेज शिक्षकों का समायोजन रद्द, राज्य के 10-12 हजार शिक्षकों को फिलहाल राहत
शिक्षा विभाग ने कनिष्ठ महाविद्यालय शिक्षकों का समायोजन रद्द करने का पत्र जारी किया।
नागपुर समेत राज्य के जूनियर कॉलेजों में शिक्षकों के अतिरिक्त पदों से खड़ा हुआ समायोजन का संकट फिलहाल टल गया है। शिक्षा विभाग ने समायोजन रद्द करने के निर्देश दिए हैं। इससे राज्य के करीब 10 से 12 हजार कनिष्ठ महाविद्यालयीन शिक्षकों को फिलहाल राहत मिली है।
मामला शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन संच मान्यता के नए मानदंडों से जुड़ा है। इन मानदंडों के लागू होने पर राज्य में करीब 10 से 12 हजार कनिष्ठ महाविद्यालयीन शिक्षकों के पद अतिरिक्त घोषित कर दिए गए थे। उसके बाद शिक्षकों का समायोजन रद्द करने की मांग उठी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मांग का संज्ञान लिया और फिर शिक्षा विभाग ने समायोजन रद्द करने के निर्देश दिए।
शिक्षक संगठनों के मुताबिक पिछले करीब 50 वर्षों से कनिष्ठ महाविद्यालयों की संच मान्यता माध्यमिक शाला संहिता, संबंधित अधिनियम, 1977 और 1981 के सेवा शर्त नियम, शासन निर्णय और राज्य मंडल के तय मानदंडों के आधार पर होती रही है।
शिक्षक आघाड़ी का आरोप है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कोई नया शासन निर्णय, शासन परिपत्र, अधिसूचना या मंत्रिमंडल का निर्णय जारी किए बिना ही संचालक कार्यालय स्तर पर तय किए गए नए मानदंडों से ऑनलाइन संच मान्यता कर दी गई।
कहा गया कि इन नए मानदंडों से विद्यार्थियों की पढ़ाई, शिक्षकों के अध्यापन और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए मिलने वाला समय कम हो जाता है। नतीजा यह हुआ कि बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद अतिरिक्त घोषित हुए और समायोजन का संकट खड़ा हो गया।
इस मुद्दे पर भाजपा शिक्षक आघाड़ी की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजा गया था। पत्र में मांग की गई थी कि विज्ञान विषयों की प्रायोगिक कक्षाओं का बैच पहले की तरह 20 विद्यार्थियों का ही रखा जाए। साथ ही कनिष्ठ महाविद्यालयों में कक्षा की अवधि पहले जैसी रहे और मान्यताप्राप्त विषयों की क्लंबिंग न की जाए। विद्यार्थी संख्या से जुड़ी शर्तों के साथ पहले से चले आ रहे मानदंडों पर ही संच मान्यता करने की मांग भी थी। इसके अलावा शिक्षकों की कटौती और उससे पैदा होने वाला समायोजन रद्द करने की मांग भी रखी गई थी।
मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र पर शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया। शिक्षा आयुक्त ने राज्य के कनिष्ठ महाविद्यालयीन शिक्षकों का समायोजन रद्द करने के मौखिक निर्देश दिए। इसके बाद शिक्षा उपसंचालक, नागपुर विभाग ने समायोजन रद्द करने से जुड़ा पत्र जारी किया।