जॉब ऑफर वापस लेने वाली 22 कंपनियों पर IITs की सख्ती, अगले दो सेशन के लिए कैंपस से बाहर
ऑल इंडिया प्लेसमेंट कमिटी ने ओरॅकल समेत 22 कंपनियों के साथ अगले दो कैंपस प्लेसमेंट सेशन के लिए संबंध खत्म किए, इसे ब्लैकलिस्टिंग नहीं बल्कि नॉन-कोऑपरेशन नाम दिया गया।
देश की जानी-मानी IITs में नया प्लेसमेंट सीजन शुरू होने से पहले ऑल इंडिया प्लेसमेंट कमिटी (AIPC) ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। जिन 22 कंपनियों ने पहले स्टूडेंट्स को जॉब ऑफर देकर बाद में वापस ले लिए थे, उन कंपनियों के साथ अगले दो कैंपस प्लेसमेंट सेशन के लिए सारे रिश्ते खत्म कर दिए गए हैं। AIPC ने इस कार्रवाई को ब्लैकलिस्टिंग नहीं बल्कि नॉन-कोऑपरेशन यानी असहयोग का नाम दिया है।
यह फैसला IIT गुवाहाटी में हुई एक मीटिंग में लिया गया, जिससे इससे प्रभावित 150 से ज्यादा स्टूडेंट्स को बड़ी राहत मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक टेक सेक्टर की दिग्गज कंपनी ओरॅकल (Oracle) समेत कई बड़ी टेक कंपनियां और स्टार्टअप्स इस लिस्ट में शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर दर्जन भर से ज्यादा ऑफर कैंसिल किए थे। अब IIT प्रशासन प्रभावित स्टूडेंट्स के सीवी दूसरे रिक्रूटर्स को भेजकर उन्हें कहीं और नौकरी दिलाने की कोशिश कर रहा है।
स्टूडेंट्स के जॉब ऑफर वापस लिए जाने से हो रही परेशानी को देखते हुए इन 22 कंपनियों के खिलाफ यह कार्रवाई करने का फैसला लिया गया। यह फैसला इसी महीने की शुरुआत में IIT गुवाहाटी में हुई AIPC की मीटिंग में लिया गया।
AIPC एक सेंट्रल बॉडी है, जो IIT कैंपस में प्लेसमेंट और इंटर्नशिप से जुड़ी गाइडलाइंस पर नजर रखती है। AIPC के मुताबिक इन मामलों में 23 IITs के 150 से ज्यादा ऑफर शामिल हैं। कुछ कंपनियों ने 10 से 15 तक ऑफर वापस लिए हैं।
पैनल ने कंपनियों के खिलाफ की जाने वाली इस कार्रवाई के लिए ब्लैकलिस्टिंग शब्द इस्तेमाल न करने का फैसला किया है। IIT की तरफ से इसे नॉन-कोऑपरेशन कहा जाएगा। AIPC के कोऑर्डिनेटर और IIT गुवाहाटी के असोसिएट प्रोफेसर जॉन जोस ने बताया कि इन मामलों में कई कंपनियों ने स्टूडेंट्स को दिए गए ऑफर वापस ले लिए हैं। हालांकि उन्होंने इन कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
कैंपस सूत्रों के मुताबिक ओरॅकल उन कंपनियों में से एक है, जिसके खिलाफ पिछले दो साल से नॉन-कोऑपरेशन की कार्रवाई चल रही है। सूत्रों का दावा है कि कंपनी ने IIT के स्टूडेंट्स को दिए करीब 40 ऑफर पूरे नहीं किए। इसी दौरान ओरॅकल ने दुनियाभर में कर्मचारियों की छंटनी भी की, जिसका असर भारत में भी देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक कई स्टार्टअप्स भी इस लिस्ट में शामिल हैं।
जिन स्टूडेंट्स के जॉब ऑफर कैंसिल हुए हैं, उनकी मदद के लिए IITs के प्लेसमेंट ऑफिस सक्रिय हो गए हैं। इन ऑफिस ने प्रभावित स्टूडेंट्स के सीवी मौजूदा रिक्रूटर्स के साथ शेयर किए हैं और खाली पदों के लिए इन कैंडिडेट्स पर विचार करने की गुजारिश कंपनियों से की है।
अंदाजे के मुताबिक ऑफर कैंसिल होने से प्रभावित स्टूडेंट्स में से करीब 20 से 30 फीसदी को प्लेसमेंट ऑफिस और कंपनियों के बीच हुए संपर्क से नौकरी मिल गई है। हालांकि बाकी सभी प्रभावित स्टूडेंट्स को दोबारा नौकरी मिलेगी या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। नौकरी ढूंढ रहे स्टूडेंट्स की सही संख्या फिलहाल पता नहीं है, क्योंकि कुछ स्टूडेंट्स संस्थान को बताए बिना कैंपस के बाहर से सीधे अप्लाई करके नौकरी हासिल कर रहे हैं।