जयप्रकाश पावर वेंचर्स का NARCL से 511 करोड़ में सेटलमेंट, सोमवार को शेयर पर नजर
जयप्रकाश पावर वेंचर्स ने नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ चल रहा विवाद 511 करोड़ रुपये में निपटाने पर सहमति जताई है, अदाणी पावर के साथ भी बड़ी डील पाइपलाइन में है।
शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों की नजर सोमवार यानी 21 सितंबर 2026 को जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (JPVL) के शेयर पर रह सकती है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) के साथ चल रहा विवाद 511 करोड़ रुपये में सुलझाने पर सहमति बन गई है। इससे जुड़ी रेगुलेटरी जानकारी कंपनी ने 19 सितंबर 2026 को शेयर बाजार को दी।
जयप्रकाश पावर वेंचर्स और NARCL के बीच 511 करोड़ रुपये का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट होना तय हुआ है। लेकिन सिर्फ इस ऐलान से मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कंपनी को 511 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा, साथ ही सेटलमेंट से जुड़ी बाकी शर्तें पूरी करनी होंगी और डेफिनिटिव एग्रीमेंट लागू करने होंगे।
कंपनी ने साफ किया है कि सारी शर्तें पूरी होने के बाद ही इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत चल रही प्रक्रिया वापस ली जाएगी। इसलिए आगे यह देखना अहम होगा कि सेटलमेंट की शर्तें कब पूरी होती हैं और IBC प्रक्रिया औपचारिक रूप से कब वापस ली जाती है, इस बारे में कंपनी की तरफ से क्या ऐलान आते हैं।
जयप्रकाश पावर वेंचर्स ने 27 फरवरी 2026 को बताया था कि उसके खिलाफ IBC प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब सात महीने बाद अब NARCL और कंपनी ने सेटलमेंट का रास्ता चुना है। कंपनी की ताजा जानकारी के मुताबिक, सारी जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद IBC प्रक्रिया वापस ले ली जाएगी।
जयप्रकाश पावर वेंचर्स की चर्चा सिर्फ NARCL सेटलमेंट तक सीमित नहीं है। अदाणी पावर ने मई 2026 में जयप्रकाश एसोसिएट्स के पास मौजूद JPVL की 24 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए करार किया था। इस 24 फीसदी हिस्सेदारी के लिए करीब 2,993.59 करोड़ रुपये का सौदा तय हुआ है, जो नकद में किया जाना तय हुआ था।
इसके अलावा अदाणी पावर ने उत्तर प्रदेश के चुर्क में जयप्रकाश एसोसिएट्स के 180 मेगावाट क्षमता वाले औष्णिक बिजली प्रोजेक्ट और उससे जुड़ी संपत्तियों को लेने के लिए भी करार किया है। इस सौदे की कीमत 1,200 करोड़ रुपये है। इन संपत्तियों में प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड में जयप्रकाश एसोसिएट्स की 11.49 फीसदी हिस्सेदारी भी शामिल है। यानी 24 फीसदी JPVL हिस्सेदारी और चुर्क सहित बाकी संपत्तियों का सौदा मिलाकर करीब 4,193.59 करोड़ रुपये का बैठता है।
अदाणी पावर का यह पूरा सौदा जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान को लागू करने का हिस्सा है। एनसीएलटी के प्रयागराज बेंच ने 17 मार्च 2026 को इस रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। इसके बाद 4 मई 2026 को एनसीएलएटी ने भी इस प्लान को बरकरार रखा।
शुक्रवार को कारोबार बंद होने तक जयप्रकाश पावर वेंचर्स का शेयर बीएसई पर 15.35 रुपये पर बंद हुआ। उस दिन शेयर में 0.46 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। NARCL के साथ 511 करोड़ रुपये के सेटलमेंट की जानकारी बाजार बंद होने के बाद सामने आई, इसलिए अगले ट्रेडिंग सेशन में निवेशकों की नजर इस घटनाक्रम पर रह सकती है।
जयप्रकाश पावर वेंचर्स मुख्य रूप से औष्णिक और जलविद्युत बनाने के कारोबार में है। इसके अलावा कोयला खनन, रेत खनन और सीमेंट ग्राइंडिंग के काम में भी कंपनी लगी है। कंपनी के पास कुल 2,220 मेगावाट क्षमता के तीन बिजली प्रोजेक्ट, 2 एमटीपीए क्षमता की सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट और 3.92 एमटीपीए क्षमता की कोयला खान है।
फिलहाल यह मानना ठीक नहीं होगा कि 511 करोड़ रुपये का सेटलमेंट पूरी तरह हो गया है। कंपनी ने जो शर्तें बताई हैं उनकी पूर्ति, डेफिनिटिव एग्रीमेंट लागू करना और उसके बाद IBC प्रक्रिया औपचारिक रूप से वापस लेने की कार्रवाई, यह आगे के अहम पड़ाव होंगे। इसलिए सिर्फ सेटलमेंट के ऐलान से कंपनी की वित्तीय हालत को लेकर कोई अंतिम राय बनाना ठीक नहीं होगा।