जय जय स्वामी समर्थ: गणपती विसर्जन के दिन सामने आएगा सावळ्या के अतीत का राज
कलर्स मराठी की मालिका 'जय जय स्वामी समर्थ' में गणेशोत्सव के बीच कहानी नए मोड़ पर पहुंची है, जहां सावळ्या का पुराना राज खुलने वाला है।
कलर्स मराठी पर चलने वाली मशहूर मालिका 'जय जय स्वामी समर्थ' में गणेशोत्सव के माहौल में कहानी अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। बाप्पा के विसर्जन वाले दिन सावळ्या की जिंदगी के एक रहस्यमयी अध्याय से पर्दा उठने वाला है। अब तक जो धुंधले-धुंधले दृश्य और अतीत से जुड़े सवाल उसे परेशान करते आए हैं, वो अब उसके सामने पूरी तरह साफ होने वाले हैं। खास बात यह है कि यह सच्चाई स्वामी की लीला की वजह से ही सामने आएगी, ऐसा मालिका के आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा।
सावळ्या को अब तक अपने अतीत के कुछ धुंधले दृश्य बार-बार दिखते रहे हैं। लेकिन गणपती विसर्जन के वक्त एक बड़ा पल आने वाला है। बाप्पा की मूर्ति जैसे ही सावळ्या की छाती को छुएगी, उसकी आंखों के सामने वही दृश्य फिर से उभरेंगे। मगर इस बार ये दृश्य धुंधले नहीं होंगे, बल्कि उसका पूरा अतीत साफ-साफ उसके सामने खड़ा हो जाएगा।
इस पल में सावळ्या को अपने असली मां-बाप, उनके साथ हुई भयंकर घटना, और उस घटना के पीछे के चेहरे का पता चलेगा। यह चेहरा पहचानते ही सावळ्या को जोरदार झटका लगेगा।
मालिका में यह दिखाया गया है कि सावळ्या को उसकी सच्चाई पता चले और उसकी जिंदगी को सही दिशा मिले, इसके लिए स्वामी की लीला से कई घटनाएं घट रही हैं। सावळ्या को इरा के साथ लाने से लेकर उसके अंदर की इंसानियत जगाने तक, इन सब घटनाओं के पीछे स्वामी का एक बड़ा मकसद होने की बात कहानी में सामने आ रही है।
मगर अब सावळ्या के अतीत का सबसे बड़ा राज खुलने वाला है। यह सच सामने आने के बाद सावळ्या के मन में बदले की भावना फिर से जागेगी या स्वामी की सीख की वजह से वह उस भावना पर काबू पा लेगा, यह देखना अहम रहेगा।
दूसरी तरफ मालिका में मार्तंड ने स्वामी स्थान को जो चुनौती दी है, उससे सेवेकऱ्यों को बड़ा झटका लगा है। स्वामी की भक्ति और प्रचिती को सीधी चुनौती देते हुए उसने अक्कलकोट में हलचल मचा दी है। मार्तंड ने स्वामी स्थान का दिया बुझाकर स्वामी के अस्तित्व को ही चुनौती दे डाली है। इस घटना से कपिला का विश्वास डगमगाता दिख रहा है, वहीं सुंदरा स्वामी पर अपनी श्रद्धा पर डटी रहकर सबको हिम्मत बंधाती नजर आएगी।
एक तरफ मार्तंड की चुनौती, दूसरी तरफ बाप्पा का विसर्जन और साथ ही सावळ्या के अतीत का खुलासा, ये सब घटनाएं एक ही वक्त पर होने वाली हैं। स्वामी ने विसर्जन के वक्त आने का वादा किया है, इसलिए उनके आने के बाद कहानी कौन सा नया मोड़ लेगी, इसे लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
सावळ्या की जिंदगी का यह सच सामने आने के बाद उसका आगे का सफर किस दिशा में जाएगा, मार्तंड की चुनौती का स्वामी कैसे जवाब देंगे, और इन सारी घटनाओं का आपस में क्या नाता है, यह आने वाले एपिसोड में देखने को मिलेगा। 'जय जय स्वामी समर्थ - बाप्पा का उत्सव, स्वामी की लीला' मालिका रोज रात 8:10 बजे सिर्फ कलर्स मराठी पर देखी जा सकती है।