इराण की चेतावनी : हमला हुआ तो तीन गुना बड़ा जवाबी हमला मिलेगा
मिडिल ईस्ट में जंग का 203वां दिन, अमेरिका और इराण के बीच फिर तनाव बढ़ने के आसार
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग का आज 203वां दिन है। ये जंग अब सिर्फ इराण, अमेरिका और इस्राइल तक सीमित नहीं रही। इसमें यमन के हूती, यमन की सऊदी समर्थक सरकार, ओमान, जॉर्डन, यूएई और कुवैत जैसे कई मिडिल ईस्ट के देश भी शामिल हो गए हैं। इस्राइल फिलहाल इराण पर सीधे हमले नहीं कर रहा, लेकिन लेबनान और गाजा में उसकी कार्रवाई अब भी जारी है।
इतने दिन चली इस जंग में कौन जीता और कौन हारा, ये साफ तौर पर कह पाना मुश्किल है। कुछ जानकारों का मानना है कि इराण भारी पड़ा, तो कुछ का मत इससे उलट है। लेकिन एक बात माननी पड़ेगी कि कमजोर समझे जाने वाले इराण को ट्रम्प और नेतन्याहू मिलकर भी हरा नहीं पाए।
कुछ वक्त के लिए इराण और अमेरिका ने एक-दूसरे पर हमले थोड़े धीमे किए, तो लगा कि जंग शांत हो गई। लेकिन ये खामोशी किसी बड़े तूफान का इशारा भी हो सकती है। इंटरनेशनल हलकों में ये चुप्पी अमेरिका इराण पर एक बड़े हमले की तैयारी के लिए इस्तेमाल कर रहा है, ऐसी चर्चा है।
अब अमेरिका सीधे इराण से जमीनी जंग छेड़ सकता है, ऐसी बातें शुरू हो गई हैं। लेकिन इसके उलट इराण भी इसी शांति के दौर में अपनी सेना की ताकत बढ़ा रहा है। इराण की तरफ से बताया जा रहा है कि उसने अपनी सेना की संख्या करीब 4 लाख तक पहुंचा दी है। पिछले कुछ दिनों में इराण ने तेहरान के नागरिकों को जंग की ट्रेनिंग और अभ्यास मुहिम में शामिल कर दुनिया को इसका सबूत भी दिखाया।
इस ट्रेनिंग में पुरुषों के साथ महिलाएं भी आगे नजर आईं। अगर जमीनी हमला हुआ तो उसका मुकाबला करने के लिए इराण अभी से तैयार हो रहा है। आर्थिक नाकेबंदी करके और हवाई जंग लड़कर भी इराण को हराया नहीं जा सका, इसलिए अब अमेरिका और इस्राइल जमीनी हमले का रास्ता चुनते हैं या नहीं, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है। इससे तय होगा कि मिडिल ईस्ट फिर से भड़केगा या नहीं।
इराण ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने इराण पर जोरदार हमला किया, तो जिन देशों ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका को अपनी जमीन इस्तेमाल करने दी है, जिन देशों की जमीन पर अमेरिका ने अपने मिलिट्री बेस बनाकर हमले किए हैं, उन देशों पर और अमेरिका के मिलिट्री बेस पर भी जोरदार हमला होगा। यानी जहां से एक मिसाइल इराण पर आएगी, वहीं से इराण की तरफ से तीन मिसाइलें वापस भेजी जाएंगी, ये बात ध्यान में रखनी होगी।
कल रात यूक्रेन ने रूस के तेल भंडार पर हमला किया, मॉस्को पर करीब 1600 ड्रोन छोड़े गए। इसके जवाब में रूस ने भी यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। इसी बीच हूतियों ने सऊदी की तेल पाइपलाइन पर हमला करके उसे तबाह कर दिया, जिसकी वजह से यूरोप को होने वाली तेल सप्लाई एक हफ्ते के लिए बंद कर दी गई।
इसके अलावा हूतियों ने बाब अल मंदेब यानी लाल सागर में सऊदी की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है, जिससे वो रास्ता भी बंद हो गया है, और होर्मुज पहले से ही बंद है। इन सब हालात पर अमेरिका के JP मॉर्गन बैंक ने कहा है कि उन्हें ये नहीं पता कि ये जंग कब खत्म होगी और दुनिया का तेल कारोबार पहले जैसा कब शुरू होगा। इसी वजह से ट्रम्प के अंदाजा न लगाए जा सकने वाले रवैये पर कब लगाम लगेगी, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।