मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:58 IST

इमरजेंसी में किशोर कुमार के गानों पर सरकारी रेडियो, दूरदर्शन पर एक साल की रोक लगी थी

बेटे अमित कुमार ने बताया कि पैसों को लेकर इनकार पर किशोर कुमार के गाने सरकारी माध्यमों से बैन कर दिए गए थे

इमरजेंसी में किशोर कुमार के गानों पर सरकारी रेडियो, दूरदर्शन पर एक साल की रोक लगी थी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

हिंदी सिनेमा के मशहूर गायक किशोर कुमार के गानों पर एक पूरे साल के लिए बैन लग चुका है, ये बात कम लोगों को पता है। ये किस्सा उनके बेटे और गायक अमित कुमार ने खुद सुनाया था। जिस आवाज ने दशकों तक लोगों को मंत्रमुग्ध किया, उसी आवाज को सरकारी माध्यमों पर एक साल तक सुनने पर पाबंदी लगा दी गई थी।

ये मामला इमरजेंसी के दौर का है, यानी साल 1975 का। उस वक्त किशोर कुमार के गाने सरकारी रेडियो और दूरदर्शन पर बजने बंद कर दिए गए थे।

दरअसल कांग्रेस सरकार के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में और सरकार के 20 सूत्री कार्यक्रम के प्रचार के लिए गाना गाने को कहा गया था, लेकिन किशोर कुमार ने साफ इनकार कर दिया था। उस समय के सूचना और प्रसारण मंत्री वी. सी. शुक्ला को किशोर कुमार का यह इनकार रास नहीं आया। नतीजा ये हुआ कि सजा के तौर पर उनके सारे गाने बैन कर दिए गए। जितने भी सरकारी माध्यम थे, उन सबमें ये पाबंदी लागू कर दी गई थी।

किशोर कुमार को हर कोई जानता है। उन्होंने अपने गाने की शुरुआत 1948 में फिल्म जिद्दी से की थी। संगीतकार खेमचंद प्रकाश ने उन्हें गाने का पहला मौका दिया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा को एक से बढ़कर एक गाने दिए। उनकी आवाज में एक अलग किस्म की जान थी, और योडेलिंग की जो स्टाइल उन्होंने बनाई, वो बिल्कुल अलग थी। इसी अंदाज की वजह से वे कई दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री और म्यूजिक की दुनिया में छाए रहे।

राजेश खन्ना के लिए और एंग्री यंगमैन यानी अमिताभ बच्चन के लिए भी उन्होंने कई रोमांटिक गाने गाए। इनमें रूप तेरा मस्ताना (आराधना), पल पल दिल के पास (ब्लैकमेल), ओ मेरे दिल के चैन (मेरे जीवन साथी) जैसे गाने शामिल हैं। इतना ही नहीं, आगे चलकर उन्होंने मराठी सिनेमा के लिए भी गाने गाए, जिसमें गंमत जंमत फिल्म का अश्विनी ये ना... गाना भी शामिल है।

कपिल शर्मा के शो में अमित कुमार ने ये पूरा किस्सा सुनाया था। उनके मुताबिक जब सरकारी अफसर किशोर कुमार के पास गाना गाने का प्रस्ताव लेकर आए, तो किशोर कुमार ने सीधा सवाल पूछा कि पैसे कितने मिलेंगे। उन्होंने साफ कह दिया कि अगर पैसे नहीं मिलेंगे तो वे गाना नहीं गाएंगे। इसी बात की वजह से सरकार ने उन पर ये पाबंदी लगा दी थी। ये बैन करीब करीब एक साल तक चला था।

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