होर्मुझ में टैंकरों पर हमले, इराणी नौदल का दावा; ट्रम्प बोले जंग जल्द खत्म होगी
IRGC नौदल ने पांच दिनों में कम से कम सात टैंकरों को निशाना बनाने की बात कही है, जबकि ट्रम्प ने जंग जल्द खत्म होने का दावा किया।
मध्यपूर्व (Middle East) में सैन्य और समुद्री तनाव फिर एक बार खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दुनिया की तेल ढुलाई के सबसे अहम रास्तों में गिनी जाने वाली होर्मुझ की जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकरों (Oil Tankers) पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं।
इराण की इस्लामिक रिव्होल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नौदल ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि समुद्री नियमों का उल्लंघन करने की वजह से उसने पिछले पांच दिनों में कम से कम सात व्यापारी और तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इराण की एक सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इराणी नौदल रोज औसतन एक से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकर को कामयाबी से निशाना बना रहा है। इन घटनाओं से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन और समुद्री सुरक्षा पर फिर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
यह सब ऐसे वक्त हो रहा है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कई बार दावा कर चुके हैं कि होर्मुझ की जलडमरूमध्य पूरी तरह सुरक्षित, खुली और अमेरिकी सेना के नियंत्रण में है। मगर समुद्र की असल हालत और इराण का आक्रामक रुख ट्रम्प के दावों को खुली चुनौती दे रहा है। स्वतंत्र सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने वाले अंतरराष्ट्रीय ऑब्जर्वर 'मेन्चोसिंट' (MenchOsint) की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को होर्मुझ की जलडमरूमध्य में दो बड़े तेल टैंकरों में भीषण धमाके हुए। इनमें से एक जहाज को जलडमरूमध्य में दाखिल होते वक्त और दूसरे को बाहर निकलते वक्त बेहद सटीक तरीके से निशाना बनाया गया।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले चार से पांच दिनों में होर्मुझ से गुजरने वाले कुवैती तेल जहाजों पर बड़े पैमाने पर हमले हुए हैं। इनमें 'अल फँटास' (Al Fantas) और 'काझिमा' (Kazimah) नाम के कुवैती टैंकर शामिल हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तीन प्रमुख व्यापारी जहाजों को भी निशाना बनाया गया, जिनमें 'सिंदबाद' (Sindbad), 'मर्सिन प्रॉस्पेरिटी' (Mersin Prosperity) और 'अल रुवैस' (Al Ruwais) शामिल हैं। इन हमलों से पर्शियन आखाती में समुद्री आवाजाही धीमी पड़ गई है और कई वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने इस रास्ते से गुजरने वाले अपने जहाजों का रूट बदलना या सफर रोकना शुरू कर दिया है।
इसी बीच शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने दावा किया कि इराण के साथ चल रही यह भीषण जंग जल्द और हर हाल में खत्म होगी। वे टेक्सास दौरे पर थे और डेंटन में पीटरबिल्ट मोटर्स (Peterbilt Motors) के मशहूर कारखाने का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को कैसे और कब खत्म करना है, यह अब पूरी तरह इराण के रुख पर टिका है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि जंग खत्म होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम काफी गिरेंगे और आम लोगों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी।
ट्रम्प ने इराण की अंदरूनी आर्थिक हालत पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि इराण फौजी और आर्थिक, दोनों मोर्चों पर पूरी तरह कमजोर और तबाह हो चुका मुल्क है। उनके मुताबिक इराण में महंगाई दर 301 प्रतिशत के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, वहां पैसों की भारी किल्लत है और करंसी की कीमत पूरी तरह गिर चुकी है। ट्रम्प के मुताबिक इराण की मुख्य सेना हार चुकी है, उसका नौदल और वायुदल पूरी तरह खत्म हो गया है, इसलिए अब लंबी जंग लड़ने की कोई ताकत उसके पास नहीं बची।
हालांकि ट्रम्प के इन दावों के उलट, IRGC नौदल ने होर्मुझ में जो आक्रामकता दिखाई है, वह बताती है कि मध्यपूर्व का यह संघर्ष जल्द शांत होने वाला नहीं है।