OpenAI ने साइबर सुरक्षा के लिए नया मॉडल GPT-6 Cyber पेश किया
OpenAI के मुताबिक GPT-6 Cyber एक नया AI मॉडल है जो सॉफ्टवेयर की कमज़ोरियाँ ढूँढता है और उनके हल बनाता है। कंपनी का कहना है कि इसे तय दायरे के अंदर रहने के लिए सिखाया गया है।
OpenAI ने GPT-6 Cyber नाम का नया AI मॉडल पेश किया है। यह खास तौर पर साइबर सुरक्षा के काम के लिए बनाया गया है।
कंपनी के मुताबिक यह मॉडल सॉफ्टवेयर में ऐसी कमज़ोरियाँ ढूँढता है जिनका फ़ायदा हैकर उठा सकते हैं। इन्हें वल्नरेबिलिटी कहते हैं। इसके बाद यह उन कमज़ोरियों को ठीक करने के तरीके भी तैयार करता है।
OpenAI का कहना है कि इस मॉडल को अधिकृत दायरे के अंदर रहने के लिए ट्रेन किया गया है, यानी यह वही काम करे जिसकी इजाज़त दी गई हो। इसे कौन इस्तेमाल कर सकेगा और यह कैसे काम करता है, इसकी पूरी जानकारी मूल रिपोर्ट में है।
आपके लिए इसका मतलब
ऐप और वेबसाइट में छिपी कमज़ोरियाँ जल्दी मिलें और ठीक हों, तो UPI और WhatsApp जैसी सेवाएँ इस्तेमाल करने वालों के लिए जोखिम घट सकता है। फ़िलहाल रिपोर्ट में भारत से जुड़ी कोई खास बात नहीं बताई गई है।
ये शब्द समझ लें
- वल्नरेबिलिटी
- सॉफ्टवेयर की कोई कमज़ोरी या खामी, जिसका फ़ायदा हैकर उठा सकते हैं।
- साइबर सुरक्षा
- कंप्यूटर, फ़ोन, ऐप और डेटा को हैकरों और धोखाधड़ी से बचाने का काम।
यह खबर PT24 ने AI की सहायता से, स्रोत की रिपोर्ट के आधार पर अपने शब्दों में समझाई है। स्रोत के अपने शब्द नीचे बिना बदलाव के हैं।
मूल शीर्षक: GPT‑6 Cyber: Advancing the frontier of aligned cybersecurity agents
OpenAI publishes this report on its own site.
Read more at OpenAI