घुटनों से आती कटकट की आवाज़ को न करें नज़रअंदाज़, कम उम्र में भी घिस सकता है ग्रीस
सीढ़ियां चढ़ते या उतरते वक्त घुटनों से आवाज़ आती है तो वजहें और बचाव के तरीके जान लें।
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पुराने ज़माने में उम्र बढ़ने के बाद ही शरीर को बीमारियां घेरती थीं। लेकिन आज की बदली हुई जीवनशैली और काम के बढ़ते तनाव की वजह से कम उम्र में ही गंभीर बीमारियां लग जाती हैं और सेहत पूरी तरह बिगड़ जाती है। कई बार सीढ़ियां चढ़ते या उतरते वक्त घुटनों से कटकट की आवाज़ आती है और फिर घुटनों में दर्द शुरू हो जाता है।
आवाज़ के साथ दर्द, सूजन, जोड़ का अटक जाना या चलते वक्त घुटना अस्थिर लगना जैसे लक्षण दिखें, तो इन्हें नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। वक्त रहते डॉक्टर की सलाह से इलाज करवाना चाहिए। यहां जानिए कि घुटनों का ग्रीस कम होने के पीछे कौन सी आदतें वजह बन सकती हैं।
घुटनों से आवाज़ आने की कई वजहें हो सकती हैं। घुटना मोड़ते या सीधा करते समय जोड़ की हड्डियों के ऊपर से लिगामेंट खिसकता है, तो कटकट की आवाज़ आने लगती है। इसके अलावा दो हड्डियों के बीच गद्दी जैसे नरम ऊतक में उम्र के साथ या घिसाव की वजह से कई बदलाव होते हैं। इन बदलावों का असर जोड़ के तरल की गुणवत्ता पर पड़ता है और जोड़ों से कटकट की आवाज़ आने लगती है। 30 या 40 साल की उम्र में भी जोड़ों का ग्रीस खत्म हो सकता है।
घुटनों को सेहतमंद रखने के लिए नियमित शारीरिक हलचल और कसरत बहुत ज़रूरी है। जांघ और कूल्हे की मांसपेशियों को मज़बूत करने वाली कसरत करने से घुटनों में बढ़ा हुआ दर्द कम करने में मदद मिलती है। कसरत करते समय सही तरीका अपनाना चाहिए, ताकि दर्द घटे और घुटने स्वस्थ रहें। अगर आपका वज़न ज़्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह से सही इलाज करवाना बहुत ज़रूरी है।
अगर घुटनों से बार-बार कटकट की आवाज़ आती है, तो वक्त रहते डॉक्टर की सलाह से इलाज करवाएं। नियमित कसरत, फिजियोथेरेपी, वज़न पर काबू और ऑपरेशन के बिना होने वाले दूसरे इलाजों से घुटनों के बढ़े हुए दर्द से राहत मिल सकती है। हड्डियों में घटे हुए कैल्शियम को बढ़ाने के लिए खाने में कैल्शियम वाली चीज़ें शामिल करनी चाहिए। दर्द, सूजन, जोड़ अटकने या बेचैनी महसूस होने पर कोई भी गोली-दवा खुद से न लें, बल्कि वक्त रहते डॉक्टर की सलाह से इलाज करवाएं।
जोड़ों का नष्ट हो चुका तरल पूरी तरह पहले जैसा करने के लिए कोई पेय या खाने की चीज़ मौजूद नहीं है। संतुलित आहार और पौष्टिक चीज़ों के सेवन से सेहत सुधारने में मदद मिलती है। शरीर में पानी की मात्रा सही रहे, तो घुटने हमेशा स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। वज़न बढ़ने पर पूरे शरीर का भार घुटनों पर आ जाता है, इसलिए बढ़े हुए वज़न को ठीक से संभालना ज़रूरी है।
यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है और इसमें किसी भी तरह के इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें।