गणेशोत्सव में मोदक ज्यादा खाने से पहले जान लें ये बातें, आहारतज्ज्ञ की सलाह
गणेशोत्सव में मोदक और मिठाई खाते वक्त कितनी मात्रा सही है, इस पर मुंबई के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल की आहारतज्ज्ञ फौजिया अन्सारी ने जरूरी सलाह दी है।
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है और इस दौरान लोग मिठाई और पारंपरिक पकवानों का जमकर स्वाद लेते हैं। लेकिन खासकर जिन्हें डायबिटीज है, उन्हें अपने खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। त्योहार के पकवानों का मजा लेते वक्त ज्यादा खाना, एसिडिटी, पेट फूलना या ब्लड शुगर बढ़ने से बचने के लिए कुछ आसान बातें ध्यान में रखी जा सकती हैं। मुंबई के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल की आहारतज्ज्ञ फौजिया अन्सारी ने बताया है कि त्योहार के दौरान ज्यादा मीठा खाने से सेहत पर क्या असर पड़ता है।
गणेशोत्सव यानी परिवार के साथ वक्त बिताने, गणपति के मंडपों में जाने और पारंपरिक पकवानों का आनंद लेने का समय। उकडीचे मोदक, लड्डू, पुरणपोळी, करंजी और फरसाण जैसी चीजें इस त्योहार का अहम हिस्सा हैं। लेकिन एक ही दिन में कई जगह जाना और कई न्योते होने की वजह से आम दिनों से ज्यादा खाना हो जाना आसान है।
इसका मतलब यह नहीं कि पसंदीदा पकवान बिल्कुल छोड़ दिए जाएं, बल्कि मात्रा पर काबू रखना और बैलेंस्ड डाइट लेना जरूरी है, ताकि त्योहार का मजा लेने के बाद बाद में तबीयत खराब न लगे। ज्यादा मिठाई खाने से ब्लड शुगर लेवल बार-बार बढ़ सकता है, खासकर जिन्हें डायबिटीज या इंसुलिन रेसिस्टेंस है। ज्यादा शुगर और कैलोरी से वक्त के साथ वजन बढ़ना, ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ना और फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है। तले हुए और भारी खाने के साथ खूब मिठाई खाने पर एसिडिटी, पेट फूलना, सुस्ती और थकान महसूस हो सकती है। एक मोदक या कोई एक मिठाई खाने के बाद वहीं रुक जाना चाहिए, सिर्फ मीठा पसंद है या वो चीज अच्छी लगती है इसलिए ज्यादा मिठाई खाना ठीक नहीं है।
एक मीडियम साइज के उकडीचे मोदक में करीब 150-200 कैलोरी होती है। मोदक बड़ा हो या उसमें गुड़, नारियल और घी ज्यादा हो तो कैलोरी 200 से ज्यादा भी हो सकती है। उकडीचा मोदक तला हुआ नहीं होता इसलिए तले हुए मोदक के मुकाबले यह बेहतर ऑप्शन है। 3 मोदक यानी करीब 450-600 कैलोरी, और 5 मोदक यानी करीब 750-1,000 कैलोरी।
ज्यादा मोदक खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। गुड़ भले ही नैचुरल मीठा हो, पर वो शुगर-फ्री नहीं होता। ज्यादा मोदक खाने से शरीर में कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। डायबिटीज या प्री-डायबिटीज वालों को खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए। इससे वजन बढ़ने की आशंका रहती है, साथ ही पाचन की दिक्कतें और पेट फूलने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
दिन में 1-2 मीडियम साइज के उकडीचे मोदक खाए जा सकते हैं। अगर 3-4 मोदक खाने हों तो उस दिन बाकी मिठाई खाने से बचना चाहिए, और ज्यादा तला हुआ खाना खाने से भी परहेज करना चाहिए। जिन्हें डायबिटीज, मोटापा या दूसरी मेटाबॉलिक दिक्कतें हैं, उन्हें कितने मोदक खाना सही रहेगा इस बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
गणेशोत्सव में सेहतमंद रहने के लिए कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए। पूरे दिन बार-बार मिठाई खाने की बजाय एक सही मात्रा तय करके धीरे-धीरे उसका मजा लेना चाहिए। त्योहार के पकवानों का आनंद लेने के लिए रोज का खाना नहीं छोड़ना चाहिए, और किसी फंक्शन में जाने से पहले ज्यादा देर तक भूखे नहीं रहना चाहिए, क्योंकि ज्यादा भूख लगने पर ज्यादा खाने की आशंका रहती है। सब्जी, दाल, प्रोटीन और साबुत अनाज वाला बैलेंस्ड खाना पेट को ज्यादा देर तक भरा रखने में मदद करता है, जिससे दोस्तों-रिश्तेदारों के यहां मिठाई सामने आने पर उसकी मात्रा कंट्रोल करना आसान हो जाता है। शरीर के लिए पर्याप्त पानी पीना भी उतना ही जरूरी है, इसलिए मीठे ड्रिंक्स पर निर्भर रहने की बजाय दिनभर पानी पीते रहना चाहिए। डायबिटीज, मोटापा या कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ हो तो पकवानों की मात्रा को लेकर खास ध्यान रखना चाहिए। गणेशोत्सव के फंक्शनों में अक्सर फरसाण, नमकीन, समोसा, वडा और भजी जैसे तले हुए पकवान परोसे जाते हैं, इनसे जितना हो सके बचना चाहिए। भारी त्योहारी खाना खाने के बाद सुस्ती और तकलीफ से बचने के लिए 10-15 मिनट हल्की वॉक करना फायदेमंद हो सकता है, इसके साथ रोजाना नियमित एक्सरसाइज करने की आदत भी बनाए रखनी चाहिए।