गणपतीपुळे मंदिर में 1 जनवरी से दर्शन के लिए ड्रेस कोड लागू होगा
रत्नागिरी के गणपतीपुळे मंदिर में अब भक्तों और पर्यटकों के लिए कपड़ों को लेकर नए नियम लागू किए जाएंगे, जिनकी सख्ती से पालना 1 जनवरी से शुरू होगी।
रत्नागिरी जिले के मशहूर श्री क्षेत्र गणपतीपुळे मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों और पर्यटकों के लिए अब वस्त्रसंहिता यानी ड्रेस कोड लागू करने का फैसला लिया गया है। यह मंदिर अरब सागर के किनारे बसा एक स्वयंभू देवस्थान है और देशभर के लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है। अष्टविनायक की तरह ही इस देवस्थान को स्वयंभू और जागृत माना जाता है। कोकण के समुद्र किनारे पर स्थित इस मंदिर को पश्चिम दिशा का द्वार देवता भी कहा जाता है। पश्चिम में फैला समुद्र और पूर्व में हरे-भरे पहाड़ों की तलहटी में बसे इस मंदिर की खूबसूरती की वजह से यहां दर्शन के लिए भारी भीड़ जुटती है।
मंदिर प्रशासन ने जो नया नियम बनाया है, उसे 1 जनवरी से सख्ती के साथ लागू किया जाएगा। इससे पहले भी मंदिर में आते वक्त उचित पहनावे में आने की अपील की जाती रही है और मंदिर परिसर में इस बारे में जागरूकता फैलाने वाले बोर्ड भी लगाए गए थे। लेकिन अब संस्थान ने साफ कर दिया है कि नए साल के पहले दिन से यह ड्रेस कोड सिर्फ अपील नहीं, बल्कि अनिवार्य नियम होगा।
गणपतीपुळे धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी है। समुद्र किनारे घूमने आने वाले कई पर्यटक मंदिर में दर्शन के लिए भी जाते हैं। लेकिन अब बीच पर पहने जाने वाले तोकड़े कपड़े या घूमने-फिरने के मूड में पहने जाने वाले कम कपड़ों में मंदिर में एंट्री नहीं मिलेगी। घुटनों से ऊपर की स्कर्ट या ड्रेस पहनकर, या फिर अभद्र भाषा, आपत्तिजनक शब्द या तस्वीरें छपे कपड़े पहनकर आने वाले भक्तों और पर्यटकों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए अब मंदिर में दर्शन के लिए आते वक्त धार्मिक स्थल के मुताबिक सभ्य कपड़े पहनना जरूरी होगा।
हालांकि मंदिर प्रशासन ने छोटे बच्चों को इस नियम से राहत दी है। दस साल से कम उम्र के बच्चों को ड्रेस कोड के इस नियम से छूट दी गई है, यानी उन पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी।
पहले जागरूकता के जरिए भक्तों से सही कपड़े पहनने की अपील की जाती थी, लेकिन अब 1 जनवरी से इसे व्यवहार में सख्ती से लागू किया जाएगा। ऐसे में जो पर्यटक और भक्त गणपतीपुळे जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नई वस्त्रसंहिता का खास ध्यान रखना होगा।