मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:49 IST

गणपति विसर्जन से पहले कान में इच्छा बताने की परंपरा, जानें कौन सा कान शुभ और फूलों का दोबारा इस्तेमाल कैसे

गणपती बाप्पा के विसर्जन से पहले कान में मनोकामना बताने की मान्यता के पीछे की धारणा, और पूजा के बाद बचे फूलों को खत, पोटपौरी और धूपबत्ती में बदलने के आसान तरीके।

गणपति विसर्जन से पहले कान में इच्छा बताने की परंपरा, जानें कौन सा कान शुभ और फूलों का दोबारा इस्तेमाल कैसे
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

गणपती बाप्पा को हिंदू धर्म में बुद्धी, ज्ञान और विघ्नहर्ता के रूप में खास स्थान दिया जाता है। यही वजह है कि विसर्जन से पहले भक्त बाप्पा के कान में धीरे से अपनी मन की बात कहते हैं। इसके पीछे भक्तों की यह श्रद्धा होती है कि इस तरह उनकी इच्छाएं और भावनाएं सीधे भगवान तक पहुंच जाती हैं।

विसर्जन से ठीक पहले बाप्पा के कान में हौले से इच्छा बोली जाती है, और साथ में यह प्रार्थना भी की जाती है कि बाप्पा मेरी मनोकामना पूरी करे और जिंदगी की सारी अड़चनें दूर करे। लोकपरंपरा में यह भी माना जाता है कि गणपती के किसी खास कान में इच्छा बताना ज्यादा शुभ रहता है। धार्मिक मान्यता और लोकपरंपरा दोनों के मुताबिक बाप्पा की दाहिनी तरफ को कई परंपराओं में मंगल और शुभता से जोड़ा जाता है, इसीलिए बाप्पा के दाहिने कान में मनोकामना बताने की रीत चलन में आई मानी जाती है।

इच्छा बताते वक्त भक्त अपने दिल की बात पूरी शिद्दत से बाप्पा से कहते हैं। कोई किसी काम में कामयाबी चाहता है, कोई नौकरी मिलने की दुआ मांगता है, तो कोई अपने बिजनेस में तरक्की या घर में सुख-शांति बनी रहने की प्रार्थना करता है। कुछ भक्त किसी खास परेशानी से छुटकारा दिलाने की भी विनती करते हैं।

पूजा खत्म होने के बाद घर में फूलों की माला, हार और सजावट में इस्तेमाल हुए ढेर सारे फूल बच जाते हैं। गुलाब, गेंदा और जास्वंद जैसे इन फूलों को फेंकने के बजाय खत बनाने, घर के लिए खुशबूदार पोटपौरी, नेचुरल रंग और सजावटी सामान बनाने में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। पूजा के बाद बचे इन फूलों के इस्तेमाल के कुछ आसान तरीके यहां बताए जा रहे हैं।

बचे फूलों का सबसे आसान इस्तेमाल है उनसे कंपोस्ट खत बनाना। इसके लिए पहले फूलों से धागे, तार, प्लास्टिक या कोई भी न सड़ने वाली चीज अलग कर लें। इसके बाद फूलों के छोटे-छोटे टुकड़े कर के कंपोस्ट या ऑर्गेनिक कचरे में मिला दें। कुछ वक्त बाद ये फूल गल-सड़ कर अच्छा ऑर्गेनिक खत बन जाते हैं।

दूसरा तरीका है खुशबूदार पोटपौरी बनाना। ताजे फूलों को फेंकने के बजाय अच्छे से सुखा कर उनसे पोटपौरी तैयार की जा सकती है। इसके लिए फूलों की पंखुड़ियों को किसी ट्रे में फैलाकर अच्छी तरह सुखा लें, और फिर उन्हें किसी सुंदर कटोरी या कांच के बर्तन में रख दें।

पूजा के बाद सूखे या मुरझाए फूल भी काम आते हैं, इनसे घर पर धूपबत्ती जैसी खुशबूदार चीजें भी बनाई जा सकती हैं। हालांकि, ऐसी चीजें बनाते वक्त इस्तेमाल होने वाले सामान की सही जानकारी रखना और सेफ्टी का ख्याल रखना जरूरी है। इसके अलावा फूलों की पंखुड़ियों से सुंदर फ्लोरल आर्ट क्राफ्ट भी बनाया जा सकता है, इसके लिए पंखुड़ियों को किसी किताब के पन्नों के बीच रखकर कुछ दिनों तक दबा कर छोड़ दें।

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