गडचांदूर की छह बस्तियों के लोगों ने नगरपरिषद से मांगीं सड़क, नाली, पानी और बिजली
हफीज नगर समेत छह इलाकों के नागरिकों ने नगरपरिषद को निवेदन देकर सात दिन में लिखित जवाब मांगा है।
गडचांदूर के कई इलाकों के लोगों ने बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर नगरपरिषद प्रशासन को निवेदन सौंपा है। हफीज नगर, मेश्राम नगर, मडावी नगर, पारखी नगर, बाबर नगर और लक्ष्मी टॉकीज परिसर के नागरिकों ने सड़क, नाली, पानी और बिजली की मांग रखी है। इनमें से कई लोग इन इलाकों में 25 से 30 साल से रह रहे हैं।
निवेदन में 25 जून 2026 को हुई नगरपरिषद की विशेष सभा का हवाला दिया गया है। सभा के इतिवृत्त के मुताबिक मुख्याधिकारी ने फैसला लिया है कि 100 रुपये के स्टांप पेपर पर खरीदी गई या अनधिकृत जमीन पर सड़क, नाली, बिजली और पानी सप्लाई जैसे विकास काम नहीं किए जा सकेंगे। नागरिकों ने प्रशासन की इस भूमिका पर कड़ा ऐतराज जताया है।
लोगों में इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि मुख्याधिकारी के इस रुख पर नगराध्यक्ष और सत्ताधारी गुट पूरी तरह चुप हैं। जनप्रतिनिधियों की इस खामोशी पर नागरिकों ने तीखी नाराजगी जाहिर की है।
निवेदन में यह भी बताया गया है कि इससे पहले हफीज नगर और मडावी नगर इलाके में सड़क और पानी की पाइपलाइन के करीब 70 लाख रुपये के काम हो चुके हैं। खास बात यह है कि ये काम मौजूदा मुख्याधिकारी ने ही मंजूर किए थे और उन्हीं ने कार्यादेश और बिल भी अदा किए थे। नागरिकों का सीधा सवाल है कि अगर वे काम नियम के मुताबिक हुए थे, तो अब नए कामों से मना क्यों किया जा रहा है।
निवेदन की मुख्य मांग है कि बिना किसी पूर्वग्रह के नगरपरिषद क्षेत्र की सभी बस्तियों में नियमों के हिसाब से बुनियादी सुविधाएं दी जाएं। साथ ही प्रशासन अगले 7 दिन के अंदर इस पर संतोषजनक हल निकाले और लिखित स्पष्टीकरण दे।
भाजपा के शहर अध्यक्ष अरविंद डोहे और गटनेता सतीश बेतावार ने साफ चेतावनी दी है कि तय मुद्दत में हल नहीं निकला या लिखित खुलासा नहीं दिया गया, तो जिलाधिकारी (चंद्रपुर) और विभागीय आयुक्त (नागपुर) के पास गुहार लगाई जाएगी। जरूरत पड़ी तो तीव्र आंदोलन भी छेड़ा जाएगा।
निवेदन देते वक्त शीतल धोटे, कीर्ति वैरागडे, संगीता गाऊत्रे, किशोर मोरे, शाकीर मोहम्मद, रमेश चुदरी, बबलू रासेकर, गणेश आदे, किट्टू जैस्वाल, सचिन माली, जयंता भोंगले, विठ्ठल धाडे, विकी उरकुडे, मोहन राठोड, दिवाकर धनवलकर, सचिन चुरे, गणपत बुरटकर और विवेक भेडोलकर समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे। अब पूरे शहर की नजर इस पर है कि नगरपरिषद प्रशासन क्या रुख अपनाता है।