एमपीएससी आंदोलन पर जयकुमार गोरे के बयान पर अतुल लोंढे ने माफी मांगने को कहा
कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने मंत्री जयकुमार गोरे के बयान को विद्यार्थियों का अपमान बताया और जाहिर माफी की मांग की।
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मुंबई: कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने मंत्री जयकुमार गोरे को खुला चैलेंज दिया है। लोंढे ने कहा, "मंत्री जयकुमार गोरे को मैं रोज 3 हजार रुपये देता हूं, वे आंदोलन में विद्यार्थियों के साथ बैठें।" लोंढे का कहना है कि गोरे ने पुणे के विद्यार्थी आंदोलन पर जो टिप्पणी की, वह विद्यार्थियों का घोर अपमान है।
लोंढे ने कहा कि पुणे में एमपीएससी के विद्यार्थियों ने 10 दिन आंदोलन करके भाजपा महायुति सरकार को झुकाया, लेकिन अब सरकार के मंत्री इस आंदोलन पर स्तर छोड़कर टीका कर रहे हैं। गोरे देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री हैं।
गोरे के बयान की आलोचना करते हुए लोंढे ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार विद्यार्थी विरोधी है और यह एक बार फिर सामने आ गया है। उनके मुताबिक 70 हजार पद खाली हैं, फिर भी सरकार भर्ती नहीं कर रही। लोंढे ने कहा कि एमपीएससी की परीक्षाओं का टाइमटेबल बिगड़ा हुआ है और परीक्षा होती है तो पेपर फूट जाता है।
लोंढे ने कहा कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग में भ्रष्ट कामकाज चल रहा है और सरकार उसे सुधार नहीं पा रही। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को 10-10 दिन आंदोलन करना पड़ता है और भाजपा सरकार ने इन विद्यार्थियों के भविष्य का बंटाधार कर रखा है। लोंढे के मुताबिक अपनी न्यायोचित मांगों के लिए कोई आंदोलन करे तो सरकार को जवाब देना ही पड़ता है।
लोंढे ने बताया कि पुणे में राज्य के गांव-देहात के लाखों विद्यार्थी एमपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री जयकुमार गोरे का बयान इन गरीब, ईमानदार विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का अपमान है, इसलिए गोरे सार्वजनिक माफी मांगें।
लोंढे ने यह भी कहा कि मंत्री जयकुमार गोरे ने विद्यार्थी आंदोलन के पीछे विदेशी शक्ति होने की अजीब खोज निकाली है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मजबूत?' हाथों में देश पिछले 13 साल से है, तो विदेशी शक्ति पुणे तक आई कैसे। उन्होंने पूछा कि क्या मोदी सरकार और फडणवीस सरकार सो रही है।
लोंढे ने कहा कि किसी भी आंदोलन को बदनाम करना ही भाजपा की 'मोडस ऑपरेंडी' है। उनके मुताबिक किसान आंदोलन को खालिस्तानी कहा गया, विद्यार्थी आंदोलन में विदेशी शक्ति बताई गई, और जंतर मंतर के आंदोलन में भी विदेशी हाथ और देशद्रोही होने के आरोप लगाए गए। लोंढे का कहना है कि ऐसे आरोप लगाकर भाजपा अपनी ही हंसी करवा रही है।
लोंढे ने सवाल किया कि देश संभालना नहीं आता तो कुर्सी पर बैठे क्यों हो। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यही विद्यार्थी आपको घर बैठाए बिना चुप नहीं बैठेंगे।
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