एमएमआरडीए ने पेश किया 10 रिंग रोड का मास्टर प्लान, मुंबई महानगर क्षेत्र में मिलेंगे कई रास्ते
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने 10 रिंग रोड के मास्टर प्लान का अनावरण किया है। इसमें सड़कें, सुरंगें, सी-लिंक और एक्सप्रेसवे एक जुड़े हुए जाल की तरह रखे गए हैं।
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मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने हाल ही में अपने 10 रिंग रोड के मास्टर प्लान का अनावरण किया है। इस प्लान में सड़कों, सुरंगों, सी-लिंक और एक्सप्रेसवे का एक जुड़ा हुआ जाल बनाकर मुंबई और उसके आसपास के इलाकों को जोड़ने की बड़ी सोच रखी गई है। प्राधिकरण का कहना है कि यह योजना अलग-अलग ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट खड़े करने के बजाय पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आपस में जुड़े नेटवर्क के हिस्से के तौर पर आवाजाही का ढांचा तैयार करने की तरफ एक अहम बदलाव दिखाती है।
एमएमआरडीए ने साफ किया है कि मुंबई का ट्रांसपोर्ट सिस्टम इस इलाके की भौगोलिक बनावट से ही आकार लेता आया है। ज्यादातर सफर एक अपेक्षाकृत तंग उत्तर-दक्षिण रास्ते पर टिका रहा है। नए मास्टर प्लान का मकसद इस बड़े महानगर क्षेत्र में कई आपस में जुड़े रास्ते बनाना है, ताकि लोगों को एमएमआर के अलग-अलग हिस्सों में जाने के लिए दूसरे विकल्प मिल सकें।
प्राधिकरण के मुताबिक 10 रिंग रोड कई मौजूदा, चालू और प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को एक साथ लाएंगे। इस नेटवर्क में प्रमुख सड़कें, सुरंगें, समुद्री रास्ते और एक्सप्रेसवे जैसी कई तरह की सड़क सुविधाएं शामिल होंगी। एमएमआरडीए का कहना है कि इस सोच में हर प्रोजेक्ट को अलग दखल की तरह देखने के बजाय पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र को एक ही, आपस में जुड़े ट्रांसपोर्ट जाल की तरह देखा जाता है।
वैकल्पिक रास्ते तैयार करना इस मास्टर प्लान का एक मुख्य मकसद है। वाहन चालकों को पूरे क्षेत्र में सफर के कई विकल्प देने की बात है। अलग-अलग सड़क मार्गों को सुरंगों, समुद्री रास्तों और एक्सप्रेसवे से जोड़कर मौजूदा रास्तों का विकल्प देना और गिने-चुने प्रमुख उत्तर-दक्षिण मार्गों पर निर्भरता घटाना इस नेटवर्क का उद्देश्य है। एमएमआरडीए ने यह भी कहा कि मकसद सिर्फ और सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि ऐसा जाल तैयार करना है जिस पर पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक ज्यादा कुशलता से और बिना रुकावट चल सके।
प्राधिकरण ने कहा है कि सफर का समय सुधारना और पूरा सफर बेहतर बनाना इस योजना के केंद्र में है। एमएमआरडीए के शब्दों में, "क्योंकि मकसद सिर्फ ज्यादा सड़कें बनाना नहीं है। सफर को ज्यादा तेज, ज्यादा भरोसेमंद और ज्यादा आसान बनाना है।" योजना का आखिरी लक्ष्य मुंबई महानगर क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों के बीच सफर करने वाले यात्रियों का वक्त घटाना है। ज्यादा जुड़े हुए ट्रांसपोर्ट जाल के प्रमुख नतीजों में प्राधिकरण ने वक्त की बचत को गिना है।
एमएमआरडीए के मुताबिक 10 रिंग रोड के खाके में पहले से चल रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, साथ ही जिन प्रोजेक्ट का निर्माण चल रहा है और जो प्रोजेक्ट प्लान में हैं, वे सब शामिल होंगे। इस सोच का मकसद है कि अलग-अलग सड़क प्रोजेक्ट स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय एक बड़े क्षेत्रीय जाल के हिस्से के तौर पर मिलकर काम करें। इसलिए यह मास्टर प्लान मुंबई के बढ़ते सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को महानगर क्षेत्र के कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट से जोड़ने के लिए एक व्यापक ढांचा दे सकता है।
एमएमआरडीए ने इस पहल को मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए एक दीर्घकालीन आवाजाही दृष्टिकोण बताया है, जिसके केंद्र में कनेक्टिविटी और रास्तों की विविधता है। प्राधिकरण ने योजना का सार यूं रखा: 10 रिंग रोड, कई विकल्प और एक जुड़ा हुआ मुंबई महानगर क्षेत्र। यह घोषणा ऐसे वक्त आई है जब मुंबई और उसके आसपास सड़कों, सुरंगों, सी-लिंक और एक्सप्रेसवे का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से फैल रहा है, जिससे अलग-अलग प्रोजेक्ट के बीच तालमेल क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट प्लानिंग का लगातार अहम हिस्सा बनता जा रहा है।