ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को भेजे नए सुझाव, वॉशिंगटन के जवाब का इंतजार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कतर की मध्यस्थता से अमेरिका के सामने कुछ नए सुझाव रखे हैं। उन्होंने कहा है कि उन्हें वॉशिंगटन के अंतिम जवाब का इंतजार है।
ईरान और अमेरिका के बीच जंग को अब सात महीने हो चुके हैं और टकराव अब भी थमा नहीं है। इस लड़ाई का नुकसान अमेरिका और ईरान को तो हुआ ही है, दुनिया के दूसरे देश भी इसमें खिंच गए हैं। दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ा है। बड़े-बड़े राजनीतिक जानकार अंदाजा लगा रहे हैं कि जंग किस तरफ जाएगी, लेकिन पक्के तौर पर कोई कुछ नहीं कह पा रहा।
इसी बीच, मिली जानकारी के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के सामने मुख्य तौर पर 7 दिन का एक प्रस्ताव रखा था। उसमें होर्मूझ की सामुद्रधुनी फिर से खोलने, अमेरिका की नाकेबंदी और कुछ पाबंदियां हटाने और उसके बाद परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने का रोडमैप था। ट्रंप ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।
ट्रंप के इनकार के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कतर की मध्यस्थता से इस प्रस्ताव पर कुछ नए विचार या सुधार बातचीत में रखे हैं। इन्हें Fresh Ideas नाम दिया गया है। लेकिन इन्हें अलग-अलग कई औपचारिक ईरानी प्रस्तावों की तरह नहीं देखा जा सकता। यह नया प्रस्ताव अब कतर के जरिए अमेरिका के सामने रखा जाएगा।
इस कदम से ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सामने यह बात रखी है कि वह शांति चाहता है, जंग नहीं। ईरान हमेशा से कहता आया है कि वह कभी जंग शुरू नहीं करता, दुश्मन देश के हमले के जवाब में ही पलटवार करता है। अब गेंद अमेरिका के पाले में है। अराघची ने कहा है कि उन्हें वॉशिंगटन के अंतिम रुख का इंतजार है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कतर के जरिए अमेरिका का जवाब जल्दी मिल जाएगा।
स्रोत के मुताबिक इजरायल अमेरिका से ईरान पर हमला करवाकर चुपचाप बाहर निकल गया है और अपनी आगे की नीति पर काम कर रहा है। लेबनान और गाजा में अतिक्रमण जारी है और हर दो-तीन दिन में फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत की खबरें आ रही हैं। यही टकराव बढ़ते-बढ़ते अब सऊदी अरेबिया और यमन के हूती के बीच शुरू हो गया है।
यह जंग शुरू में इस आरोप पर शुरू हुई थी कि ईरान परमाणु बम बना रहा है। बाद में ईरान ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए होर्मूझ बंद करके दिखाया। होर्मूझ पर काबू रखने के लिए अमेरिका अब तक मेहनत कर रहा है, मगर ईरान उस मेहनत पर होर्मूझ के जरिए पानी फेर रहा है। होर्मूझ दुनिया की जलवाहतुक का एक अहम रास्ता है।
होर्मूझ का विकल्प लाल सागर का बाब अल मंदेब भी हूतियों ने बंद कर दिया है। इसकी वजह से दुनिया भर से अमेरिका पर दबाव आ रहा है और होर्मूझ को फिर से चालू करना बहुत जरूरी हो गया है। फिलहाल दुनिया के पास अमेरिका के सिवा, अमेरिका के पास होर्मूझ के सिवा और होर्मूझ के पास ईरान के सिवा कोई विकल्प नहीं है।