मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:48 IST

ईरान की चेतावनी: हमारा तेल रोका गया तो खाड़ी में कोई तेल नहीं बेच पाएगा

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि अमेरिका ने तेल बिक्री में रुकावट डाली तो पूरे खाड़ी में किसी को तेल बेचने नहीं दिया जाएगा।

ईरान की चेतावनी: हमारा तेल रोका गया तो खाड़ी में कोई तेल नहीं बेच पाएगा
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका दबाव डालकर ईरान की तेल बिक्री में रुकावट डालता है, तो पूरे खाड़ी में ईरान किसी को भी तेल नहीं बेचने देगा।

बताया गया है कि 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई जंग 30 सितंबर 2026 तक, यानी सितंबर खत्म होने को आने पर भी जारी है। ईरान की फौज को दुनिया की चौथे नंबर की फौज माना जाता है, जबकि इस्राइल और अमेरिका की फौज को पहले नंबर पर गिना जाता है। इस जंग में चौथे नंबर की फौज ने पहले नंबर की फौज को कड़ा जवाब दिया है।

कहा जा रहा है कि ईरान ने सही रणनीति बनाई और सही हथियार का सही इस्तेमाल किया, इसलिए यह मुमकिन हुआ। ईरान की भौगोलिक स्थिति भी उसका साथ दे रही है। पहले की तरह अब जंग सिर्फ जान के नुकसान से नहीं नापी जाती। अब राजनीतिक, सामाजिक, कारोबार, सार्वजनिक संपत्ति और सोशल मीडिया जैसी कई बातों पर जंग का असर देखा जाता है। इस जंग में ईरान ने लगभग हर मोर्चे पर अमेरिका को अच्छी टक्कर दी।

जब ईरान ने होर्मूझ बंद करने की चाल चली, तो अमेरिका ने होर्मूझ की नाकेबंदी करके जवाबी चाल चली और ईरान को मुश्किल में डाल दिया। लेकिन इसका खामियाजा ईरान के साथ अमेरिका को भी भुगतना पड़ा। मिली जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने अपना एयरक्राफ्ट शिप होर्मूझ के मुहाने पर लगाया, तो ताइवान वाली फौज को होर्मूझ बुलाना पड़ा। लंबे वक्त तक समुद्र में रहने से अमेरिकी फौज की मानसिक हालत बिगड़ी और सैनिकों ने खुदकुशी की कोशिश की। तब होर्मूझ को कुछ वक्त के लिए ढीला किया गया।

ईरान पर अमेरिका कई साल पहले ही आर्थिक पाबंदियां लगा चुका है। अब जंग में ईरान के न हारने के बाद अमेरिका ने फिर से आर्थिक दबाव और तेल बिक्री पर दबाव डालने की कोशिश शुरू की है। इसी पर अराघची ने यह चेतावनी दी।

मध्य पूर्व के देशों के लिए तेल का कारोबार सबसे बड़ा और सबसे अहम कारोबार है। तेल ढुलाई और दूसरे सामान के कारोबार के लिए होर्मूझ बहुत अहम माना जाता है। दुनिया का 20 फीसदी माल होर्मूझ से गुजरता है। ईरान के दुश्मनों की बदकिस्मती से होर्मूझ पूरी तरह ईरान और ओमान के कंट्रोल में है, क्योंकि जहाजों का रास्ता इन्हीं दो देशों के बीच से होकर जाता है।

अब सवाल यह है कि यह मामला कब सुलझेगा। मौजूदा हालात में ईरान जंग खत्म करके अपनी आर्थिक हालत मजबूत करना चाहता है। अमेरिका में चुनाव लगे होने की वजह से ट्रंप को जंग जारी रखनी पड़ेगी, ऐसा कहा गया है। कहा गया है कि जंग ईरान ने जीती है, अमेरिका ने नहीं, इसलिए ईरान की मांगें मानकर शांति प्रस्ताव कबूल करने पर भी अमेरिका हारता दिखेगा। और जंग जारी रखने पर भी जान और पैसे के नुकसान के मोर्चे पर ट्रंप के हाथ नुकसान ही आ रहा है।

अमेरिकी चुनाव के लिहाज से यह ट्रंप को भारी पड़ेगा। इसलिए हालत ऐसी है कि ट्रंप न जंग रुकने देंगे, न हमेशा चलाएंगे। ट्रंप के स्वभाव को देखते हुए यह जंग कब रुकेगी, यह कोई पक्के तौर पर नहीं बता सकता, ऐसा कहा जा रहा है।

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