दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाय दुबई विमान से हायजैक कोड, 174 यात्री थे सवार
पायलटों की बहस के दौरान अपहरण वाला बटन गलती से दब गया, विमान सऊदी अरब में सुरक्षित उतरा।
दुबई से तेल अवीव के लिए निकले फ्लाय दुबई के एक विमान से अपहरण से जुड़ा आपातकालीन कोड प्रसारित हुआ, जिससे इस्राइल में कुछ देर के लिए बड़ी हलचल मच गई। विमान में 174 यात्री थे और इनमें 27 बच्चे भी शामिल थे।
मिली जानकारी के मुताबिक विमान दुबई से तेल अवीव की तरफ रवाना हुआ था। उसमें 174 यात्री और क्रू के सदस्य सवार थे। तेल अवीव की ओर जाते वक्त विमान मैन्युअली नीचे आ रहा था और यू-टर्न ले रहा था। इसी दौरान विमान से आपातकालीन स्क्वॉक कोड भेजा गया।
पहले 7700 स्क्वॉक कोड भेजा गया। अंतरराष्ट्रीय विमान यातायात में 7700 को गंभीर आपातकाल का संकेत माना जाता है। इसके थोड़ी ही देर बाद 7500 कोड प्रसारित हुआ। यह कोड विमान के अपहरण या अपहरण के खतरे की सूचना देने के लिए इस्तेमाल होता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
7500 कोड आने के बाद पता चला कि विमान ने सऊदी अरब की तरफ मोड़ ले लिया है। उस वक्त अपहरण की कोई पक्की जानकारी नहीं थी। लेकिन पायलटों से संपर्क नहीं हो पा रहा था, इसलिए इस्राइल के सुरक्षा अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। विमान के अंदर असल हालत क्या है, यह जानने की कोशिश शुरू हुई।
संभावित खतरे को देखते हुए इस्राइल के लड़ाकू विमान हवा में उड़े और आसमान में गश्त शुरू कर दी। इस्राइल सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और फौरन उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री कात्झ ने तुरंत बैठक कर हालात का जायजा लिया। विमान की गतिविधियों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जो जानकारी उपलब्ध थी, उस पर चर्चा हुई। विमान में 27 बच्चे होने की वजह से उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। कुछ देर तक इस्राइल की सुरक्षा एजेंसियों में भारी भागदौड़ रही।
कुछ देर बाद विमान सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया। विमान के जमीन पर आते ही सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद यह पता लगाया जाने लगा कि आपातकालीन कोड आखिर कैसे प्रसारित हुआ। जांच में सामने आया कि पायलटों के बीच हुई बहस के दौरान अपहरण से जुड़ा बटन गलती से दब गया था। यानी विमान का असल में अपहरण नहीं हुआ था और सारी उलझन दूर हो गई।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी साफ किया कि यह घटना विमान अपहरण से जुड़ी नहीं है। इससे कुछ देर से बना डर खत्म हो गया। विमान के सभी यात्री सुरक्षित होने की खबर आई तो उनके परिवारवालों ने भी राहत महसूस की। कोड प्रसारित होते ही इस्राइल की सुरक्षा एजेंसियां जिस तेजी से हरकत में आईं, उससे विमानन में ऐसे आपातकालीन संकेतों की गंभीरता एक बार फिर सामने आई। चंद मिनटों की गलतफहमी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों को खूब दौड़भाग करनी पड़ी, पर विमान के सुरक्षित उतरने से मामले का अंत अच्छा रहा।