डोंबिवली के वार्ड 27 में कचरे के ढेर, उपायुक्त की औचक जांच में सुमित एलको को 48 घंटे की मोहलत
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के वार्ड क्रमांक 27 में कचरा प्रबंधन की बदहाली उस वक्त सामने आई, जब ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के उपायुक्त डॉ. रामदास कोकरे ने वहां अचानक दौरा किया। टिळकनगर, पाथर्ली, अंबिकानगर और गोग्रासवाडी इलाके में पिछले सात-आठ दिनों से कचरे की समस्या गंभीर हो गई थी। नागरिक कई जगह कचरे के ढेर लगे होने की शिकायतें कर रहे थे।
इस इलाके की साफसफाई का काम सुमित एलको कंपनी को दिया गया है। स्थानीय नागरिकों और भाजप नगरसेवकों का आरोप है कि कंपनी जिस तरह से काम होना चाहिए, उस तरह से नहीं कर रही। शिकायतें कई तरह की सामने आईं। सफाई कर्मचारी वर्दी में नहीं होते, कर्मचारियों का सही नियोजन नहीं किया जाता, यह साफ नहीं है कि किस कर्मचारी के पास किस इलाके की जिम्मेदारी है, और कचरा समय पर नहीं उठाया जाता।
इसी पृष्ठभूमि में भाजप नगरसेवकों की विनती के बाद उपायुक्त डॉ. कोकरे ने वार्ड में अचानक निरीक्षण किया। करीब डेढ़ से दो घंटे तक उन्होंने अलग-अलग इलाकों का मौके पर जाकर जायजा लिया। इस दौरान कुछ जगहों पर कचरे की सफाई और छंटाई के लिए कर्मचारी मौजूद ही नहीं थे, यह बात उनके ध्यान में लाई गई। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों को बुलाया गया और कंपनी के मैनेजर के साथ बातचीत की गई।
निरीक्षण के बाद सुमित एलको कंपनी को कचरा प्रबंधन की कमियां दूर करने और कामकाज सुधारने के लिए 48 घंटे का अल्टिमेटम दिया गया। कंपनी को वार्ड का कचरा नियमित उठाने, सफाई कर्मचारियों का सही नियोजन करने और सफाई व्यवस्था को सुचारु करने के निर्देश दिए गए।
इस बीच भाजप नगरसेवकों ने महानगरपालिका प्रशासन से सुमित एलको कंपनी का ठेका रद्द करने की मांग की है। उनके मुताबिक पहले जब सफाई का काम महानगरपालिका के अपने सफाई कर्मचारी करते थे, तब हालात ज्यादा बेहतर थे। उनका आरोप है कि काम प्राइवेट कंपनी के पास जाने के बाद कचरा जमा होने की शिकायतें बढ़ गई हैं।
नगरसेवकों ने यह भी बताया कि कुछ सोसायटियों में कचरा समय पर नहीं उठता, इसलिए रहिवासियों से कहना पड़ता है कि वे उसे कुछ वक्त तक घर में ही रखें। इससे लोगों की सेहत का सवाल खड़ा होने का डर जताया गया।
वार्ड के भाजप नगरसेवकों की मांग है कि सुमित एलको का ठेका बंद कर पहले की तरह महानगरपालिका के जरिए सफाई व्यवस्था चलाई जाए। उन्होंने कहा है कि वे यह मुद्दा आने वाली महासभा में भी उठाएंगे।