दिशा सालियान केस: सूरज पंचोली ने पहली बार मौन तोड़ा, आदित्य ठाकरे का भी उल्लेख
दिशा सालियान मौत मामले में सीबीआई की एफआईआर के बाद सूरज पंचोली ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखकर सफाई दी है।
दिशा सालियान की मौत के मामले में सीबीआई का एफआईआर दर्ज होने के बाद यह केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और दावा किया है कि उनके पास कथित सबूत मौजूद हैं। इस मामले में सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे, डीनो मोरिया, सचिन वाझे, परमबीर सिंह और रिया चक्रवर्ती के नाम चर्चा में हैं। इसी बीच एक्टर सूरज पंचोली ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर खुद पर लगे आरोपों को लेकर अपनी बात रखी है।
सूरज ने अपनी पोस्ट में दिशा सालियान के साथ किसी भी तरह का संबंध होने से साफ इनकार किया है। उसने कहा कि मीडिया की कई रिपोर्ट्स और बयानों में उसका नाम दिशा की मौत से जुड़े विवाद में घसीटा जा रहा है, जबकि हकीकत में वह अपनी जिंदगी में कभी दिशा सालियान से न सीधे मिला है, न ही किसी तरह से उसका उनसे कोई वास्ता रहा है। ऐसे में इस केस से उसका नाम जोड़ा जाना गलत और परेशान करने वाला है, यह बात उसने अपनी पोस्ट में कही।
पोस्ट में सूरज ने आदित्य ठाकरे का भी जिक्र किया। उसने लिखा कि वह आज तक आदित्य ठाकरे से भी कभी नहीं मिला। उसका कहना है कि बिना किसी सबूत के उसका नाम इस तरह के विवाद में घसीटा जाना नाइंसाफी है। उसने यह भी गुजारिश की कि इस तरह के मामलों में किसी का नाम जोड़ने से पहले संबंधित तथ्यों की जांच-पड़ताल जरूर करनी चाहिए।
सूरज ने बताया कि वह इतने लंबे समय तक इस मामले पर चुप रहा, क्योंकि हर खबर या रिपोर्ट पर जवाब देने की उसकी मंशा नहीं थी। लेकिन जब कोई बात बार-बार सामने आती रहे, तो एक मोड़ पर अपनी बात रखना जरूरी हो जाता है, ऐसा उसने कहा। सूरज के मुताबिक, इस मामले में सीबीआई और पुलिस पहले भी उससे पूछताछ कर चुके हैं और करीब चार-पांच साल पहले उसका बयान भी दर्ज किया जा चुका है। उसने साफ किया कि आगे भी अगर किसी जांच एजेंसी को दोबारा पूछताछ करनी हो, तो वह पूरा सहयोग करने को तैयार है।
सूरज पंचोली ने कहा कि उसके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। अगर किसी जांच एजेंसी को कोई अतिरिक्त जानकारी चाहिए, तो वह पूछताछ के लिए हमेशा उपलब्ध है। साथ ही उसने यह भी कहा कि दिशा सालियान की मौत से जुड़े हालात की निष्पक्ष और गहन सीबीआई जांच का वह समर्थन करता है।
अपनी पोस्ट में आगे सूरज ने सोशल मीडिया और मीडिया में फैलाए जा रहे झूठे प्रचार पर भी टिप्पणी की। उसने लिखा कि सिर्फ कोई हेडलाइन सबूत नहीं होती, टीवी पर होने वाली बहस को तथ्य नहीं माना जा सकता, और सोशल मीडिया पर लिखी हर बात को सच नहीं मान लेना चाहिए।
इसी बीच दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके दावे के मुताबिक, दिशा के साथ सामूहिक बलात्कार करके उनकी हत्या की गई और उनके पास कथित तौर पर कुछ अहम सबूत थे। इन आरोपों में ड्रग्स और बाल तस्करी से जुड़ी कथित जानकारी का भी जिक्र किया गया है।
वकील ने दिशा के मोबाइल फोन को लेकर भी दावा किया है। उनके मुताबिक, 9 से 17 जून 2020 के बीच दिशा का फोन कुछ लोगों के कब्जे में था और इस दौरान फोन का डेटा जांचा गया, ऐसा उन्होंने आरोप लगाया है। हालांकि इन सभी आरोपों की जांच और सच्चाई परखना जांच एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र का विषय है। सूरज पंचोली ने अपनी पोस्ट के अंत में कानून और जांच एजेंसियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि "सच आखिर सामने आएगा।"