मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:21 IST

दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज में एडमिशन और कामकाज पर तीसरे हफ्ते भी टीचर-स्टूडेंट्स का धरना

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के हिंदू कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया और प्रशासनिक कामकाज को लेकर शिक्षकों और विद्यार्थियों का आंदोलन तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज में एडमिशन और कामकाज पर तीसरे हफ्ते भी टीचर-स्टूडेंट्स का धरना
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के नामी हिंदू कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया और प्रशासनिक कामकाज को लेकर शिक्षकों और विद्यार्थियों का आंदोलन अब तीसरे हफ्ते में पहुंच गया है। विवाद के मुख्य मुद्दे एक-एक करके देखते हैं।

सबसे पहले एडमिशन की बात। हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) का आरोप है कि 2026-27 सत्र के पहले दौर के एडमिशन में स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी (ECA) कोटा में तय 20 टक्के की सीमा से ज्यादा विद्यार्थियों को दाखिला दे दिया गया। कुल 48 में से बीकॉम ऑनर्स में 17 और बीए ऑनर्स पॉलिटिकल साइंस में 15 सीटें अतिरिक्त दी गईं।

इस पर दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा है कि इसके पीछे एडमिशन अल्गोरिदम की गलती है। वहीं कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. अंजू श्रीवास्तव का कहना है कि एडमिशन प्रक्रिया में उनकी सीधी भूमिका नहीं थी।

मामला सिर्फ एडमिशन तक नहीं रुका, बल्कि कॉलेज के कामकाज तक पहुंच गया है। शिक्षक संघ ने स्टाफ काउंसिल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि कुछ मामलों में समानांतर कमेटियों के जरिए स्टाफ काउंसिल को किनारे कर दिया गया। इसके अलावा स्टडी लीव, चाइल्ड केयर लीव, सबैटिकल और प्रमोशन में देरी का मुद्दा भी उठाया गया है।

पैसों के मामले में भी शिक्षक संघ ने पारदर्शिता मांगी है। उसने हॉस्टल मेस टेंडर, सिक्योरिटी और सफाई सेवाओं की आउटसोर्सिंग, कमर्शियल इस्तेमाल और निर्माण कामों की जांच की मांग की है। साथ ही गवर्निंग बॉडी की बैठकों के मिनट्स, ऑडिट किए गए हिसाब, CAG की रिपोर्ट और फीस से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है।

आंदोलन के दौरान दिए गए ज्ञापनों को लेकर हिंदू कॉलेज की गवर्निंग बॉडी ने HCSA के अध्यक्ष रतन लाल, सचिव शंकर कुमार और एसोसिएट प्रोफेसर पी. के. विजय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शिक्षक संघ ने इसका कड़ा विरोध किया है और कहा है कि यह आंदोलन सामूहिक फैसले का हिस्सा है।

इसी आंदोलन के सिलसिले में गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे शिक्षक और विद्यार्थी दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति दफ्तर तक मार्च लेकर गए। वहां उन्होंने साउथ कैंपस के डायरेक्टर रजनी अब्बी को ज्ञापन सौंपा।

कुल मिलाकर, एडमिशन में तय सीमा से ज्यादा सीटें देने के आरोप से शुरू हुआ यह विवाद अब छुट्टियों, प्रमोशन, खरीद और खर्च के हिसाब तक फैल चुका है। कॉलेज प्रशासन और शिक्षक संघ के बीच कारण बताओ नोटिस ने तनाव और बढ़ा दिया है।

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