डिलीवरी के बाद फौरन वजन घटाने की जल्दी न करें, डॉक्टर ने बताया सही डाइट
प्रसूति के बाद शरीर रिकवर हो रहा होता है, ऐसे में फौरन वजन घटाने की बजाय पोषण पर ध्यान देना जरूरी है, बताती हैं गायनेकोलॉजिस्ट
बच्चे के जन्म के बाद घर में सबका ध्यान बच्चे की खाने-पीने से लेकर नींद तक की जरूरतों पर होता है। लेकिन इस भागदौड़ में अक्सर यह नजरअंदाज हो जाता है कि नई मां का खाना समय पर हुआ या नहीं, उसने पर्याप्त पानी पिया या नहीं, और उसे ठीक से आराम मिल रहा है या नहीं।
डिलीवरी के बाद मां का शरीर अभी भी रिकवर हो रहा होता है, और उसी दौरान बच्चे को दूध पिलाना, रात की अधूरी नींद और लगातार भागदौड़ भी चलती रहती है। ऐसे में सिर्फ पेट भरना या ज्यादा कैलोरी लेना काफी नहीं है, बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलना भी उतना ही जरूरी है। खराड़ी स्थित मदरहुड हॉस्पिटल्स की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीथिका शेट्टी ने बताया है कि डिलीवरी के बाद डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए।
बच्चे का जन्म परिवार के लिए खुशी का पल होता है, लेकिन बच्चे की देखभाल की भागदौड़ में अक्सर मां की सेहत की अनदेखी हो जाती है। बच्चे को दूध पिलाना, उसकी देखभाल करना, रात की अधूरी नींद और बदली हुई दिनचर्या के साथ तालमेल बिठाना मां पर शारीरिक और मानसिक दबाव डालता है। इसी दौरान शरीर गर्भधारण और डिलीवरी से उबरने की प्रक्रिया में भी होता है, इसलिए इस समय डाइट पर खास ध्यान देना जरूरी है।
डॉ. शेट्टी के मुताबिक, डिलीवरी के बाद की डाइट का मतलब सिर्फ ज्यादा खाना नहीं है। शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल, प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, अच्छी फैट और पर्याप्त तरल पदार्थ मिलना जरूरी है। अगर मां बच्चे को स्तनपान करा रही है तो उसकी पोषण की जरूरतें और बढ़ जाती हैं। इसलिए इस दौरान फौरन वजन घटाने की बजाय शरीर को रिकवर करने के लिए पर्याप्त और संतुलित पोषण मिलना ज्यादा जरूरी है।
डिलीवरी के दौरान हुए रक्तस्राव से शरीर में आयरन की मात्रा कम हो सकती है। साथ ही गर्भावस्था और डिलीवरी के बाद शरीर पर आया तनाव मां को थकान महसूस करा सकता है। सही डाइट न मिलने पर शरीर के पहले जैसा होने की प्रक्रिया और मुश्किल हो सकती है। स्तनपान कराने वाली माताओं को कुछ पोषक तत्वों और तरल पदार्थों की जरूरत ज्यादा होती है, लेकिन बच्चे की देखभाल की भागदौड़ में कई माताओं का खाना समय पर नहीं हो पाता और चाय, बिस्किट या पैकेज्ड फूड से भूख मिटाई जाती है, जो सही नहीं है।
डॉ. शेट्टी के अनुसार, डिलीवरी के बाद डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मांस, अंडे और आयरन से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए। अगर डॉक्टर ने आयरन की गोलियां दी हैं तो वे भी जारी रखनी चाहिए। दालें, अंडे, मछली, चिकन, दूध और डेयरी प्रोडक्ट, पनीर, सोयाबीन से मिलने वाला प्रोटीन शरीर की टूट-फूट की भरपाई और मांसपेशियों की रिकवरी में मदद करता है। दूध, दही, पनीर और कैल्शियम वाली चीजें हड्डियों के लिए जरूरी हैं, और विटामिन डी शरीर को कैल्शियम सोखने में मदद करता है, जिसकी कमी होने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेने की जरूरत पड़ सकती है।
इसके अलावा अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियां, ओट्स, गेहूं की रोटी, ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज, और दालों, बीजों, मछली से मिलने वाला हेल्दी फैट भी डाइट में शामिल करने की सलाह दी गई है। साथ ही पानी, सूप, दूध जैसे पर्याप्त तरल पदार्थ लेने चाहिए, खासकर स्तनपान कराने वाली माताओं को शरीर में पानी की कमी न होने देने का ध्यान रखना चाहिए।
डिलीवरी के बाद बच्चे की देखभाल में मां इतनी व्यस्त हो जाती है कि अपने खाने-पीने और सेहत की अनदेखी हो जाती है। साथ ही पहले जैसी बॉडी कब मिलेगी, वजन कब कम होगा, इसका दबाव भी महसूस होता है। लेकिन डॉक्टर के मुताबिक यह समय फौरन वजन घटाने की जल्दबाजी का नहीं, बल्कि शरीर को संभालने और नई दिनचर्या के साथ तालमेल बिठाने का होता है।