देश के 11 एयरपोर्ट 50 साल के लिए प्राइवेट हाथों में देने की ज़ोरदार तैयारी; वाराणसी, अमृतसर समेत अहम शहर शामिल
केंद्र सरकार देश के 11 अहम एयरपोर्ट का संचालन PPP मॉडल के तहत 50 साल की लीज़ पर प्राइवेट कंपनियों को सौंपने की तैयारी में है।
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गोंदिया, 24 तारीख। केंद्र सरकार ने देश के एयरपोर्ट सेक्टर को लेकर एक बड़ा फैसला लेने की हलचल तेज़ कर दी है। देश के 11 अहम एयरपोर्ट का संचालन अब प्राइवेट कंपनियों के हाथ में सौंपने की ज़ोरदार तैयारी शुरू कर दी गई है।
पब्लिक-प्रायव्हेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के ज़रिए ये एयरपोर्ट पूरे 50 साल की लीज़ पर, यानी किराये पर दिए जाएंगे। आने वाले दिसंबर तक इन एयरपोर्ट के लिए बोली प्रक्रिया (Bidding Process) शुरू होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
इस निजीकरण की प्रक्रिया में बड़े और छोटे एयरपोर्ट को एक साथ जोड़कर कुल पांच बंडल बनाए गए हैं। केंद्र सरकार की योजना है कि हर बंडल की पूरी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ एक ही कंपनी को सौंपी जाए।
सरकार ने जो प्रस्ताव जाहिर किया है, उसके मुताबिक 11 एयरपोर्ट के ये पांच ग्रुप, यानी बंडल, इस तरह बनाए गए हैं। पहले ग्रुप में अमृतसर और कांगड़ा-गग्गल हैं। दूसरे ग्रुप में वाराणसी, गया और कुशीनगर रखे गए हैं। तीसरे ग्रुप में भुवनेश्वर और हुबली हैं। चौथे ग्रुप में रायपुर और औरंगाबाद हैं, जबकि पांचवें ग्रुप में तिरुचिरापल्ली और तिरुपति शामिल हैं।
प्रशासनिक हलकों में यह भरोसा जताया जा रहा है कि PPP के तरीके से इन एयरपोर्ट पर मुसाफिरों की सुविधाओं का विकास तेज़ी से होगा और वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुहैया कराना मुमकिन हो पाएगा। दिसंबर 2026 तक इस बड़ी महत्वाकांक्षी प्रक्रिया का टेंडर शुरू हो जाएगा, जिस पर पूरे देश की नज़र लगी हुई है।
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