चीन ने अमेरिका को फिर भेजे पांडा, अटलांटा झू में दो नए मेहमान दाखिल
चीन से दो जायंट पांडा अटलांटा प्राणी संग्रहालय पहुंचे, अगले 10 साल तक रहेंगे, लेकिन देखने के लिए करना होगा इंतजार
चीन से दो विशालकाय पांडा अमेरिका के अटलांटा प्राणी संग्रहालय में दाखिल हुए हैं। पिंग पिंग और फू शुआंग नाम के इन दोनों पांडा ने रविवार को अटलांटा में कदम रखा। चीन और अमेरिका के बीच हुए एक सहयोग करार के तहत ये दोनों पांडा अगले 10 साल तक अटलांटा प्राणी संग्रहालय में रहेंगे। दोनों पांडा का जन्म 2020 में चीन के चेंगदू स्थित जायंट पांडा प्रजनन अनुसंधान केंद्र में हुआ था।
पिंग पिंग नर पांडा है जबकि फू शुआंग मादा है। चीन से अमेरिका तक इनका सफर बहुत खास तरीके से कराया गया। पांडा की सुरक्षा के लिए स्पेशल विमान, खासतौर पर बनाए गए सफर के पिंजरे और उनकी देखभाल के लिए जरूरी खाने-पीने का पूरा इंतजाम किया गया था। सफर के दौरान एक्सपर्ट स्टाफ भी उनके साथ मौजूद था।
अटलांटा झू के लिए इन दोनों पांडा का आना खास मायने रखता है, क्योंकि 2024 में झू के आखिरी पांडा चीन वापस जाने के बाद अटलांटा में कुछ समय तक एक भी पांडा नहीं था। पिंग पिंग और फू शुआंग के आने से झू में एक बार फिर पांडा की मौजूदगी शुरू हो गई है।
पिंग पिंग और फू शुआंग को चीन के चेंगदू से अमेरिका लाया गया। अटलांटा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें स्पेशल गाड़ियों की मदद से झू ले जाया गया। सफर के दौरान उनकी सेहत और सुरक्षा का ख्याल रखने के लिए अलग से इंतजाम किए गए थे।
अटलांटा झू का चीन के साथ पांडा संरक्षण और रिसर्च के मामले में पुराना और लंबा रिश्ता रहा है। इससे पहले भी यहां पांडा के परिवार लोगों के लिए बड़ा आकर्षण रहे हैं। 1999 से ही अटलांटा और चीन के बीच पांडा संरक्षण को लेकर सहयोग चल रहा है। इस दौरान अटलांटा झू में सात पांडा बच्चों का जन्म हुआ था। इस नए करार से अटलांटा और चीन का यह रिश्ता फिर शुरू हो गया है, जिससे झू प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी उत्साह है।
पिंग पिंग और फू शुआंग भले ही अटलांटा झू पहुंच चुके हैं, लेकिन लोगों को उन्हें देखने के लिए तुरंत मौका नहीं मिलेगा। नए माहौल में ढलने और सेहत की जांच के लिए दोनों पांडा को करीब एक महीने के क्वारंटाइन में रखा जाएगा। इस दौरान उनकी खाने की आदतें, सेहत, बर्ताव और नए माहौल में ढलने की प्रक्रिया पर एक्सपर्ट नजर रखेंगे। क्वारंटाइन पूरा होने के बाद ही उन्हें आम लोगों के देखने के लिए रखा जाएगा। यानी पांडा देखने के इच्छुक लोगों को अभी और इंतजार करना होगा।
पिंग पिंग और फू शुआंग के आने से अटलांटा झू में एक बार फिर पांडा का दौर शुरू हो गया है। इन दोनों पांडा से लोगों का आकर्षण तो बढ़ेगा ही, साथ ही चीन और अमेरिका के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
चीन का दूसरे देशों को पांडा भेजने का यह कार्यक्रम "पांडा डिप्लोमसी" कहलाता है। पांडा के जरिए चीन अलग-अलग देशों से सांस्कृतिक, पर्यावरण और कूटनीतिक रिश्ते मजबूत करने की कोशिश करता रहा है। अटलांटा को पांडा भेजने का फैसला भी चीन और अमेरिका के बीच सहयोग की इस पृष्ठभूमि में अहम माना जा रहा है। पिंग पिंग और फू शुआंग का आना सिर्फ झू के लिए आकर्षण नहीं है, बल्कि जायंट पांडा के संरक्षण के लिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का हिस्सा भी है।