मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:53 IST

चीन की ग्रेट वॉल में कोयला खनन कंपनी ने बनाया 19 फुट गहरा गड्ढा, सरकार ने ठोका भारी जुर्माना

शांक्सी प्रांत के गुओजियाओ इलाके में मिंग राजवंश के जमाने की भिंत को कोयला खनन कंपनी की लापरवाही से भारी नुकसान, चिनी सरकार ने कंपनी पर 150,000 डॉलर का जुर्माना लगाकर अधिकारियों को हिरासत में लिया।

चीन की ग्रेट वॉल में कोयला खनन कंपनी ने बनाया 19 फुट गहरा गड्ढा, सरकार ने ठोका भारी जुर्माना
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चीन की पहचान मानी जाने वाली और दुनिया के सात अजूबों में शुमार ग्रेट वॉल ऑफ चायना एक बार फिर गंभीर संकट की वजह से चर्चा में है। चीन की सैन्य ताकत और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक मानी जाने वाली इस भिंत को एक कोयला खनन कंपनी की लापरवाही से बड़ा नुकसान पहुंचा है। भिंत के पास चल रहे खनन काम के दौरान उसमें करीब 19 फुट यानी लगभग 6 मीटर गहरा और चौड़ा छेद बन गया, जिसकी वजह से दुनियाभर के इतिहासप्रेमियों और चिनी प्रशासन में खलबली मच गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक यह नुकसान चीन के गुओजियाओ इलाके में, शांक्सी प्रांत की ऐतिहासिक भिंत के हिस्से में हुआ है। इस इलाके में 2007 में स्थानीय प्रशासन ने एक प्राइवेट कंपनी को कोयला खनन के लिए मंजूरी दी थी। कॉन्ट्रैक्ट देते वक्त कंपनी को साफ हिदायत दी गई थी कि इस ऐतिहासिक धरोहर को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। लेकिन खनन शुरू होने के बाद कंपनी ने सिर्फ अपने फायदे के लिए और खान का कचरा यानी स्लैग बाहर फेंकने के लिए भिंत के एक हिस्से में छोटा सा छेद बना दिया।

वक्त के साथ और लगातार होते गैरकानूनी इस्तेमाल की वजह से यह छोटा सा छेद धीरे-धीरे बड़ा होता गया। 2015 में पहली बार स्थानीय लोगों और कुछ टूरिस्टों को यह बात नजर आई। लेकिन सही समय पर कदम न उठाए जाने की वजह से आज यह छेद करीब 19 फुट गहरे गड्ढे में बदल चुका है। चिनी सरकारी न्यूज चैनल सीसीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना खनन कंपनी की बेहद गैरजिम्मेदाराना हरकत और स्थानीय तंत्र की लापरवाही का नतीजा है।

मामले की गंभीरता सामने आने के बाद पुरातत्व एक्सपर्ट्स ने चिनी सरकार को तुरंत रिपोर्ट सौंपी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक 1368 से 1644 के दौर में, यानी मशहूर मिंग राजवंश के समय बनाई गई इस भिंत का नुकसान भर पाना बेहद मुश्किल है। यह पूरी दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक धरोहर है और उत्तरी चीन से गुजरने वाली करीब 21,000 किलोमीटर लंबी यह भिंत चीन की सुरक्षा और टूरिज्म दोनों के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है।

घटना की गंभीरता समझते हुए चिनी सरकार ने फौरन सख्त कदम उठाए हैं। दोषी पाई गई कोयला खनन कंपनी का काम तुरंत रुकवा दिया गया और कंपनी पर करीब 150,000 डॉलर, यानी सवा करोड़ रुपये के आसपास, का भारी जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही इस गैरकानूनी काम में शामिल कंपनी के सीनियर अधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उन पर केस दर्ज किए गए हैं।

चीन सरकार ने 2006 में ही ग्रेट वॉल ऑफ चायना की सुरक्षा के लिए एक अलग और खास कानून लागू किया था। इस कानून के मुताबिक इस ऐतिहासिक भिंत को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाना, इसके पास गैरकानूनी निर्माण करना या बिना परमिशन खुदाई करना गंभीर और गैर-जमानती अपराध माना जाता है। इस इलाके में सिर्फ बेहद जरूरी सुरक्षा कारणों से सुरंग बनाने की इजाजत दी जा सकती है, लेकिन भिंत का कोई भी हिस्सा तोड़ना या उसे नुकसान पहुंचाना पूरी तरह गैरकानूनी है। इसी कानून के उल्लंघन की वजह से चिनी सरकार ने यह सख्त कार्रवाई की है। फिलहाल इस नुकसान वाले हिस्से की मरम्मत का काम प्रशासन ने तुरंत शुरू करवा दिया है।

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