चिमूर में नाबालिग से अत्याचार: धरने के बाद केस दर्ज, आरोपी अब भी फरार
महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस की शिवानी वडेट्टीवार के चिमूर पुलिस स्टेशन में धरने पर बैठने के बाद BNS और POCSO के तहत मामला दर्ज हुआ। आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
चिमूर में एक नाबालिग लड़की पर अत्याचार के मामले ने अब सियासी और प्रशासनी गलियारों में हलचल मचा दी है। महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस की शिवानी वडेट्टीवार ने दावा किया कि इतने गंभीर आरोप के बावजूद केस दर्ज नहीं किया जा रहा था। इसी वजह से वे चिमूर पुलिस स्टेशन में धरने पर बैठ गईं। धरने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपी अभी तक फरार बताया जा रहा है।
बताया गया कि चिमूर में नाबालिग लड़की पर अत्याचार हुआ और पीड़ित परिवार की आवाज दबाने की कोशिश भी चल रही थी। यह बात सामने आते ही शिवानी वडेट्टीवार ने अपने तय सारे कार्यक्रम छोड़ दिए और सीधे चिमूर पुलिस स्टेशन पहुंच गईं। उनका कहना था कि पुलिस केस दर्ज करने में टालमटोल कर रही थी, इसलिए उन्होंने स्टेशन में ही धरना दे दिया।
आखिरकार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (A) और बाल लैंगिक शोषण से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत मामला दर्ज किया।
आरोपी का नाम गजानन धनराज गुडधे है। वह भाजपा का चिमूर मंडल अध्यक्ष है और गांव सातारा की आदर्श ग्राम पंचायत का पूर्व सरपंच भी रह चुका है। उस पर नाबालिग लड़की के साथ अत्याचार का गंभीर आरोप है। आंदोलन करने वालों ने सवाल उठाया कि एक तरफ सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी महिलाओं और लड़कियों को लाडली बहन कहती है, दूसरी तरफ चिमूर की इस घटना से दिख रहा है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वह कितनी गंभीर है। उनके मुताबिक पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय उसके परिवार की आवाज दबाने की कोशिश होना बेहद चिंताजनक है।
शिवानी वडेट्टीवार ने कहा कि नाबालिग लड़की के साथ अत्याचार जैसे संगीन मामले में केस दर्ज कराने के लिए भी धरना देना पड़ा, यह पुलिस प्रशासन के कामकाज पर सवाल खड़े करता है। केस दर्ज हो चुका है, फिर भी आरोपी फरार है। उन्होंने मांग की कि उसे फौरन गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित लड़की को न्याय मिले और उसके परिवार पर किसी तरह का दबाव या धमकी न आए।
आगे ऐसी घटनाएं नाबालिग लड़कियों और महिलाओं के साथ दोबारा न हों, इसके लिए पुलिस प्रशासन से इस मामले में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई है। इस मांग का निवेदन पुलिस प्रशासन के साथ विधायक बंटी भांगडिया को भी सौंपा गया।
शिवानी वडेट्टीवार ने साफ कहा कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिलता और आरोपी गिरफ्तार होकर उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उनके मुताबिक सत्ता या राजनीतिक पद का इस्तेमाल करके किसी को भी कानून से बचने नहीं दिया जाना चाहिए।
इस मौके पर विजू पाटील गावंडे, गजानन बुटके, जुनेद खान, प्रशांत डवले, माधवबापू बिरजे, शांताराम सेलवटकर, संदीप कावरे, रत्नाकर विटाळे और बब्बू खान समेत कई लोग मौजूद थे।
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