छत्रपती संभाजीनगर में हृदयसंवाद परिषद, डॉक्टरों ने बताईं दिल की सेहत की चार बातें
छत्रपती संभाजीनगर में रोपळेकर हेल्थ केअर प्रा. लि. की ओर से आयएमए सभागृह में हृदयसंवाद परिषद हुई, जिसमें हृदयरोग विशेषज्ञों ने दिल की देखभाल पर बात की।
छत्रपती संभाजीनगर में दिल सिर्फ शरीर का एक अंग नहीं, जिंदगी का साथी है। हृदयरोग विशेषज्ञों ने कहा कि तनाव, कम नींद, डिप्रेशन, नशे की आदत, मधुमेह और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से दिल पर बोझ बढ़ रहा है। "मन शांत तो हृदय सुरक्षित" का संदेश देते हुए उन्होंने लोगों को दिल का ख्याल रखने की सलाह दी।
रोपळेकर हेल्थ केअर प्रा. लि. की ओर से आयएमए सभागृह में हृदयसंवाद परिषद हुई। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग मौजूद थे।
वरिष्ठ मधुमेह विशेषज्ञ और कमलनयन बजाज अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अजय रोटे ने मधुमेह, मोटापे और हृदयरोग के आपसी रिश्ते को समझाया। उन्होंने नियमित चलने, व्यायाम, परहेज और धूम्रपान से बचने की अपील की। डॉ. रोटे के मुताबिक मधुमेह से दिल को होने वाला नुकसान अक्सर पकड़ में नहीं आता।
डॉ. अजय रोटे ने कहा कि दिल को सेहतमंद रखने के लिए जीवनशैली में चार बातें अपनाना जरूरी है: नियमित व्यायाम करें, संतुलित आहार लें, तनाव पर काबू रखें और नशे से दूर रहें।
हेडगेवार अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. महेश देशपांडे ने सीने में दर्द के लक्षण और उसकी जांच के बारे में बताया। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. केदार रोपळेकर ने नौजवानों में बढ़ते हृदयरोग पर मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में कहा गया कि आजकल नौजवानों में भी हृदयरोग का प्रमाण बढ़ रहा है, इसलिए सीने में दर्द या बेचैनी महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें और वक्त पर जांच व इलाज कराएं।
घाटी अस्पताल के जेरियाट्रिक्स विभाग की प्रोफेसर डॉ. मंगला बोरकर ने बताया कि बुजुर्ग दवाइयों का टाइम-टेबल और अपनी सेहत की देखभाल कैसे करें। वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश रोपळेकर ने हार्ट अटैक, एंजियोप्लास्टी और बायपास के बाद के पुनर्वसन की जानकारी दी। क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कांचन रोपळेकर भी वक्ताओं में शामिल थीं।
निवृत्त आर्मी कैप्टन डॉ. प्रदीप इनामदार ने रिस्पॉन्स देने वाले रोबोट की मदद से सीपीआर का प्रात्यक्षिक दिखाया।