चंद्रपुर में सूखे के बीच जलस्रोतों पर निगरानी, अवैध पानी की निकासी रोकने के लिए बनेंगे उड़न दस्ते
चंद्रपुर जिले में सूखे जैसे हालात को देखते हुए जिलाधिकारी वसुमना पंत ने हर राजस्व मंडल में उड़न दस्ते तुरंत बनाने के आदेश दिए हैं।
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चंद्रपुर जिले में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। ऐसे में जो पानी मौजूद है उसे बचाकर रखने और लोगों को पीने का पानी मिलता रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जलाशय, नदी, तालाब, कोल्हापुरी बांध, नहर और दूसरे जलस्रोतों से बिना इजाज़त और बिना किसी योजना के होने वाली पानी की खिंचाई को रोकने के लिए हर राजस्व मंडल में उड़न दस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) तुरंत बनाने का आदेश दिया गया है। यह आदेश जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष वसुमना पंत ने दिया है।
आदेश के मुताबिक जिले में कम बारिश की वजह से सूखे जैसी स्थिति है। आने वाले दिनों में पीने के पानी की किल्लत न हो, इसलिए मौजूद पानी का किफायत से और योजना बनाकर इस्तेमाल करना ज़रूरी है। इसी को देखते हुए जलस्रोतों से अवैध रूप से पानी खींचना रोकने के लिए एक खास जांच मुहिम चलाई जाएगी। संबंधित विभागों से कहा गया है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में तुरंत उड़न दस्ते तैनात करें और ज़मीन पर कार्रवाई शुरू करें।
हर राजस्व मंडल के लिए बनने वाले दस्ते में जलसंपदा विभाग, जलसंधारण विभाग या जिला परिषद के शाखा अभियंता समन्वयक के तौर पर काम देखेंगे। इनके साथ महावितरण कंपनी के शाखा अभियंता, राजस्व विभाग के मंडल अधिकारी और पुलिस उपनिरीक्षक भी दस्ते में रहेंगे।
दस्तों को नियमित और अचानक, दोनों तरह की जांच करनी होगी। इन जांचों में कहां अवैध रूप से पानी खींचा जा रहा था और उस पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी रिपोर्ट हर सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी वसुमना पंत ने कहा है कि सूखे के हालात में मौजूद पानी को बचाना और लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी देना जिला प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। इसलिए सभी संबंधित विभाग आपस में तालमेल बनाकर और असरदार तरीके से कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि इसमें किसी तरह की देरी न हो, इसका ध्यान रखा जाए।