चंद्रपूर में 930 छात्रों को मिला करिअर गाइडेंस, IPS-IAS से लेकर बैंकिंग तक की जानकारी
चंद्रपूर में जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षण विभाग ने प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी सांस्कृतिक सभागृह में बड़ा करिअर मार्गदर्शन कार्यक्रम रखा, जिसमें जिले भर के करीब 930 स्टूडेंट्स शामिल हुए।
दसवीं-बारहवीं के बाद सिर्फ रटे-रटाए, पारंपरिक कोर्स के पीछे भागने की बजाय स्टूडेंट्स को अपनी दिलचस्पी, काबिलियत और सामने खुले मौकों को पहचानकर अपना करिअर तय करना चाहिए। लक्ष्य साफ रखकर उसके लिए जरूरी पढ़ाई, कॉम्पिटिटिव एग्जाम और स्किल्स की जानकारी लेते हुए आज से ही तैयारी में जुट जाना चाहिए, यह संदेश चंद्रपूर में आयोजित एक बड़े करिअर मार्गदर्शन कार्यक्रम में स्टूडेंट्स को दिया गया।
गांव और दूर-दराज के इलाकों के स्टूडेंट्स को अलग-अलग फील्ड में करिअर के मौकों की जानकारी मिले, और दसवीं-बारहवीं के बाद पढ़ाई व करिअर को लेकर सही फैसला लेने में मदद मिले, इसी मकसद से जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षण विभाग की तरफ से 22 सितंबर को प्रियदर्शिनी इंदिरा गांधी सांस्कृतिक सभागृह में यह करिअर मार्गदर्शन कार्यक्रम रखा गया। इसमें लॉयड्स इन्फिनिट फाउंडेशन का भी सहयोग रहा। जिले की अलग-अलग जिला परिषद हाई स्कूल और चंद्रपूर की प्राइवेट अनुदानित स्कूलों के करीब 930 स्टूडेंट्स ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
प्रोग्राम की अध्यक्षता राज्य के आदिवासी विकास मंत्री और चंद्रपूर जिले के पालकमंत्री प्रा. डॉ. अशोक उइके ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की। मंच पर विधायक किशोर जोरगेवार, विधायक सुधाकर अडबाले, जिलाधिकारी वसुमना पंत, पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह और सैनिक स्कूल, चंद्रपूर के प्राचार्य कैप्टन अश्विन अनुपदेव मौजूद रहे।
कार्यक्रम की खासियत यह रही कि स्टूडेंट्स को अलग-अलग फील्ड में काम कर रहे अफसरों, एक्सपर्ट्स और प्रोफेशनल्स से सीधे उनके अनुभव के आधार पर मार्गदर्शन मिला। आईपीएस कुमार सुशांत ने केंद्रीय लोकसेवा आयोग की परीक्षा का फॉर्मेट और IAS, IPS, IFS जैसी अखिल भारतीय व केंद्रीय सेवाओं में जाने के लिए जरूरी पढ़ाई, स्टडी प्लानिंग और कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी को लेकर स्टूडेंट्स को गाइड किया।
उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले ने पुलिस डिपार्टमेंट में अलग-अलग पदों, भर्ती प्रोसेस और करिअर के मौकों की जानकारी दी। कोरपना के उपविभागीय अधिकारी बालाजी कदम ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की अलग-अलग परीक्षाओं, प्रशासकीय सेवाओं में मौकों और कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए लगातार पढ़ाई की जरूरत को लेकर मार्गदर्शन किया।
सूबेदार लक्ष्मण औलकर ने भारतीय सशस्त्र सेनाओं में मिलने वाले अलग-अलग करिअर मौकों की जानकारी दी। सेना में जाने के लिए जरूरी योग्यता, अलग-अलग एंट्रेंस एग्जाम, शारीरिक और मानसिक तैयारी और डिसिप्लिन के महत्व को उन्होंने स्टूडेंट्स को समझाया।
विभागीय इंजीनियर जय तिवारी ने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी फील्ड की अलग-अलग ब्रांच, हायर एजुकेशन और बदलती टेक्नोलॉजी से बन रहे नए करिअर मौकों की जानकारी दी। कृषि विस्तार अधिकारी आदित्य महल्ले ने कृषि शिक्षा, कृषि तकनीक और खेती के फील्ड में नौकरी और सेल्फ-एंप्लॉयमेंट के मौकों को लेकर मार्गदर्शन किया।
डॉ. भाग्यश्री बेलसरे ने पशुवैद्यकीय शिक्षा, प्रवेश प्रोसेस और पशुवैद्यकीय फील्ड के अलग-अलग करिअर ऑप्शन स्टूडेंट्स के सामने रखे। बैंक ऑफ इंडिया के रत्नेश सिंह और भूषण वाघ ने बैंकिंग सेक्टर में अलग-अलग पदों, कॉम्पिटिटिव एग्जाम और बैंकिंग में करिअर के मौकों को लेकर स्टूडेंट्स से बातचीत की।
इस करिअर मार्गदर्शन कार्यक्रम में सिर्फ यह नहीं बताया गया कि कौन सा करिअर चुनें, बल्कि चुने हुए फील्ड में कामयाब होने के लिए आज से क्या तैयारी करें, कौन सी पढ़ाई करें, कौन से एंट्रेंस और कॉम्पिटिटिव एग्जाम दें और जरूरी स्किल्स कैसे डेवलप करें, इस पर भी गाइडेंस दी गई। गांव और दूर-दराज के इलाकों के स्टूडेंट्स को प्रशासकीय सेवा, पुलिस व सेना, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, कृषि, पशुवैद्यकीय और बैंकिंग जैसी अलग-अलग फील्ड की जानकारी एक ही जगह मिलने से यह कार्यक्रम स्टूडेंट्स के लिए दिशा दिखाने वाला साबित हुआ।