चंद्रपुर की 13 बंद पेयजल योजनाओं पर मुनगंटीवार की पहल, बकाया बिजली बिल माफ करने का आश्वासन
मुख्य सचिव ने बकाया बिजली बिल माफ करने का आश्वासन दिया है, 190 गांवों के करीब 1 लाख 75 हजार लोगों को राहत की उम्मीद।
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चंद्रपुर जिले में बकाया बिजली बिल की वजह से बंद पड़ी क्षेत्रीय पेयजल योजनाओं का मामला विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने सरकार के सामने उठाया है। उनका कहना है कि सूखे जैसे हालात में गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना न पड़े।
इसके लिए मुनगंटीवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निवेदन सौंपा। निवेदन में उन्होंने बंद पड़ी पेयजल योजनाओं को तुरंत शुरू करने और बकाया बिजली बिल का मसला सुलझाने की मांग की है। इसी विषय पर उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल से फोन पर भी बात की।
इस बातचीत में मुख्य सचिव ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए बकाया बिजली बिल माफ करने का आश्वासन दिया। जिले की 13 बंद क्षेत्रीय पेयजल योजनाओं पर करीब 190 गांवों के लगभग 1 लाख 75 हजार लोग निर्भर हैं, इसलिए उन्हें राहत की उम्मीद बंधी है।
चंद्रपुर जिले में जिला परिषद और शिखर समिति के जरिए कुल 33 क्षेत्रीय पेयजल योजनाएं चलाई जाती हैं। इनमें से 20 योजनाओं से फिलहाल पानी की सप्लाई चल रही है। बाकी 13 योजनाओं पर करीब 4 करोड़ 92 लाख 68 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं, जिसकी वजह से वे बंद पड़ी हैं। सूखे जैसे हालात में पानी के स्रोत सूख रहे हैं और ऊपर से इन योजनाओं की बिजली कट गई है, इसलिए संबंधित गांवों के लोग पानी की किल्लत झेल रहे हैं।
मुनगंटीवार ने कहा कि गांवों में नियमित पानी मिलता रहे, इसके लिए इन योजनाओं के बकाया बिजली बिल सूखा निवारण या किल्लत निधि से चुकाए जाने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2018 के सूखे के समय सरकार ने ग्रामीण नल पेयजल योजनाओं के बिजली बिल किल्लत निधि से भरने के निर्देश दिए थे। उसी तर्ज पर आज भी सरकार को तुरंत फैसला लेकर बंद योजनाएं फिर चालू करनी चाहिए, यह मांग उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से की है।
मुनगंटीवार का रुख यह है कि पीने का पानी लोगों की बुनियादी जरूरत है और बकाया बिजली बिल की वजह से गांव के लोग इससे वंचित नहीं रहने चाहिए। मुख्यमंत्री को दिए निवेदन और मुख्य सचिव अग्रवाल से हुई बातचीत के बाद यह मामला सरकारी स्तर पर सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ा है।
अगर मुख्य सचिव के आश्वासन पर अमल होता है और इन 13 योजनाओं की बिजली सप्लाई फिर शुरू हो जाती है, तो चंद्रपुर जिले के 190 गांवों के करीब 1 लाख 75 हजार लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। अब जिले के लोगों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है।