चंद्रपुर: हर गांव और वॉर्ड में बनेगी बाल संरक्षण समिति, कलेक्टर पंत ने दिया आदेश
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जिलाधिकारी वसुमना पंत ने बाल संरक्षण की तिमाही समीक्षा बैठक में बाल मजदूरी विरोधी छापेमारी, बाल विवाह की रोकथाम और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के प्रचार के निर्देश दिए।
चंद्रपुर जिले में बच्चों को बाल मजदूरी, बाल विवाह और शोषण से बचाने के लिए प्रशासन अब गांव और मोहल्ले के स्तर तक उतरेगा। कलेक्टर वसुमना पंत ने साफ कहा है कि जिले के हर गांव में और शहर के हर वॉर्ड में बाल संरक्षण समिति खड़ी की जाए। समितियां बन जाने के बाद उनकी रिपोर्ट भी बिना देर किए सामने रखनी होगी।
यह आदेश कलेक्टर दफ्तर में हुई तिमाही समीक्षा बैठक में आया, जिसकी अध्यक्षता खुद पंत ने की। बैठक में जिला बाल संरक्षण कक्ष, जिला और रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति और बाल न्याय मंडल का पूरा हिसाब-किताब देखा गया। बच्चों के लिए चल रही योजनाओं की हालत और जो मामले अटके पड़े हैं, उन पर भी तफसील से चर्चा हुई।
पंत ने बच्चों के हक और उनकी हिफाजत के लिए बाल मजदूरी के खिलाफ छापेमारी की मुहिम पूरे दम से चलाने को कहा। उनके मुताबिक इस मुहिम और नई समितियों का मकसद एक ही है: बच्चों पर होने वाले अत्याचार, बाल विवाह, बाल मजदूरी और शोषण पर रोक लगाना।
कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि प्रशासन के लिए बच्चों की सुरक्षा, उनकी परवरिश और उनका पुनर्वास सबसे पहले आना चाहिए। जिले में अनाथ बच्चों को अनाथ प्रमाणपत्र देने के जितने केस रुके हुए हैं, उन्हें जल्दी निपटाने को कहा गया। बालगृहों में रहने वाले बच्चों के पुनर्वास का काम तेज हो और जो बच्चे इसके पात्र हैं, उन्हें नियमों के हिसाब से जल्द से जल्द ठिकाना मिले। इस काम में जिला बाल संरक्षण कक्ष को सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ मिलकर तेजी से आगे बढ़ने की जिम्मेदारी दी गई।
जिन जगहों पर बच्चों से मजदूरी कराए जाने का अंदेशा है, वहां नियमित जांच होगी। पंत ने यह भी कहा कि बाल मजदूरी पूरी तरह बंद कराने के लिए सारे संबंधित विभाग आपस में तालमेल बनाकर चलें।
जो बच्चे मुसीबत में हैं या जिन्हें देखभाल और सुरक्षा चाहिए, उन तक फौरन मदद पहुंचे, इसलिए कलेक्टर ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी हर गांव और हर वॉर्ड तक बड़े पैमाने पर फैलाने के निर्देश दिए। यह इमरजेंसी नंबर है। बाल कल्याण समिति और बाल न्याय मंडल के पास जो केस अटके हैं, उन्हें भी नियमों के दायरे में रहकर तुरंत निपटाने का आदेश दिया गया।
बैठक में जिला महिला व बाल विकास अधिकारी प्रकाश भांदककर ने प्रेजेंटेशन दिखाकर बताया कि जिला बाल संरक्षण कक्ष, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल कल्याण समिति और बाल न्याय मंडल में अब तक क्या काम हुआ है।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष वकील क्षमा बासरकर भी बैठक में हाजिर थीं। उनके साथ शिक्षा अधिकारी अश्विनी केलकर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय साखरकर और मनोविकृति विशेषज्ञ संदीप भटकर मौजूद रहे। परिवीक्षा अधिकारी के तौर पर अतिश चव्हाण और सायली पाटील ने भी हिस्सा लिया, जबकि चाइल्ड हेल्पलाइन की ओर से जिला समन्वयक अभिषेक मोहुर्ले आए थे।
इनके अलावा जिला विधि सेवा प्राधिकरण और सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय के प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति और बाल न्याय मंडल के सदस्य और कई विभागों के अफसर व कर्मचारी बड़ी तादाद में बैठक में शामिल हुए।
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