ब्रिक्स समिट: दिल्ली में १८वां शिखर सम्मेलन शुरू, जानिए ग्रुप का इतिहास और मकसद
नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में १८वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू हुआ, जिसमें रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल हो रहे हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में १२ और १३ सितंबर को १८वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हो रहा है। इस समिट में शामिल होने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज यानी १२ सितंबर को पहुंच रहे हैं।
ब्रिक्स में शामिल देशों के राष्ट्रप्रमुख, मंत्री और प्रतिनिधि मंडल इस समिट में हिस्सा ले रहे हैं। इस वजह से पूरी दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ २०० से ज्यादा अर्धसैनिक टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इससे पहले भारत २०१२, २०१६ और २०२१ में भी वैश्विक नेताओं की मेजबानी करते हुए इस समिट की अध्यक्षता कर चुका है। इसके अलावा इसी साल मई में भारत ने ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की मेजबानी भी की थी।
अब बात करते हैं कि आखिर ब्रिक्स है क्या। ब्रिक्स ११ उभरते और विकासशील देशों का एक समूह है। शुरुआत में इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका शामिल थे। बाद में इस ग्रुप का विस्तार होता गया। इजिप्ट, इथियोपिया, सऊदी अरब, यूएई और ईरान २०२४ में इसमें शामिल हुए, और इंडोनेशिया २०२५ में पूर्ण सदस्य बना। इसके अलावा कुछ पार्टनर देश भी ब्रिक्स से जुड़े हैं, जिनमें बेलारूस, बोलिविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा और उजबेकिस्तान शामिल हैं। ब्रिक्स असल में ऐसे देशों का समूह है जो दुनिया भर में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की आवाज मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए साथ आया है।
ब्रिक्स की शुरुआत कैसे हुई, यह भी जानना जरूरी है। साल २००१ में ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने अपने एक रिसर्च पेपर में ब्राजील, रूस, भारत और चीन जैसी तेजी से उभरती चार अर्थव्यवस्थाओं के लिए 'ब्रिक' (BRIC) शब्द का इस्तेमाल किया था। इन चार देशों के नामों के पहले अक्षरों से यह शब्द बनाया गया। ब्रिक्स के ये नेता पहली बार २००६ में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुई जी-८ शिखर परिषद में मिले थे। ब्रिक्स की वेबसाइट के मुताबिक, सितंबर २००६ में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान इन देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में इस ग्रुप की औपचारिक स्थापना हुई। इसकी पहली शिखर परिषद २००९ में रूस के येकातेरिनबर्ग में हुई थी। भारत ने पहली बार २०१२ में ब्रिक्स समिट की अध्यक्षता की थी, और यह भारत की चौथी अध्यक्षता है।
२०१० में न्यूयॉर्क में हुई विदेश मंत्रियों की बैठक में साउथ अफ्रीका इस ग्रुप में शामिल होने के लिए राजी हुआ था। ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में हुई दूसरी शिखर परिषद में साउथ अफ्रीका को औपचारिक रूप से पूर्ण सदस्य बनाया गया, जिसके बाद यह ग्रुप 'ब्रिक्स' (BRICS) कहलाने लगा। २०११ में चीन के सान्या शहर में हुई तीसरी शिखर परिषद में साउथ अफ्रीका ने पूर्ण सदस्य के तौर पर हिस्सा लिया।
ब्रिक्स असल में दुनिया की पांच बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक मल्टीलेटरल प्लेटफॉर्म है, जिसमें दुनिया की ४१% आबादी, करीब २४% ग्लोबल जीडीपी और १६% ग्लोबल ट्रेड शामिल है। ब्रिक्स समिट में क्षेत्रीय और वैश्विक दोनों तरह के मुद्दों पर चर्चा होती है। इसका मुख्य मकसद सदस्य देशों के विकास को रफ्तार देने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी फायदे वाला सहयोग बढ़ाना है। जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, ग्लोबल ट्रेड, ऊर्जा और आर्थिक संकट जैसे मुद्दों पर भी इसमें चर्चा होती रही है।
दुनिया में ब्रिक्स की हिस्सेदारी की बात करें तो यह ग्रुप दुनिया की करीब आधी (४९.५%) आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। ग्लोबल इकोनॉमी में इस ग्रुप की हिस्सेदारी करीब ४०% है, जबकि कुल व्यापार में इसका हिस्सा करीब एक चौथाई (२६%) है। २०२६ में भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने वाला है।