भारतीय रग्बी के पूर्व कप्तान नासेर हुसेन रग्बी इंडिया की आम सभा में चुने गए, 40 में से 39 वोट
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भारतीय रग्बी टीम के पूर्व कप्तान नासेर हुसेन (Nasser Hussain) को 'स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट' (SOM) चुना गया है। रग्बी इंडिया, यानी भारतीय रग्बी फुटबॉल यूनियन की हाल ही में हुई आम सभा में उन्हें 40 में से 39 वोट मिले।
नासेर हुसेन का अंतरराष्ट्रीय करियर 17 साल का रहा है और भारतीय रग्बी में उनका अहम योगदान माना जाता है। उन्होंने 1998 से 2014 के बीच भारत की नुमाइंदगी की। इनमें से 2004 से 2013 तक, लगातार दस साल, वे राष्ट्रीय टीम के कप्तान रहे। रग्बी सेवन्स और रग्बी फिफ्टीन, दोनों में मिलाकर उन्होंने भारत के लिए कुल 142 मैच खेले हैं।
कप्तान के तौर पर उन्होंने 2006 में कतर में हुए एशियाई खेलों में, 2010 में चीन में हुए एशियाई खेलों में और दिल्ली में हुए 2010 के कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय टीम की अगुवाई की। भारत के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले रग्बी खिलाड़ियों में उनका नाम शामिल है। रग्बी फिफ्टीन में उन्होंने 18 ट्राय किए हैं और देश के लिए सबसे ज्यादा ट्राय करने वाले खिलाड़ियों की list में वे सबसे ऊपर हैं।
उनके साथ पुरुषों की कैटेगरी में थिमय्या एम. पी. को 28 वोट मिले और वे भी चुने गए। महिलाओं की कैटेगरी में अवनी साबडे और सुरभी सुरेंद्र दाते को 34-34 वोट मिले और दोनों चुनी गईं।
'राष्ट्रीय खेल प्रशासन कानून, 2025' और 'राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल संस्थाएं) नियम, 2026' के मुताबिक राष्ट्रीय खेल संस्थाओं की आम सभा में कम से कम चार 'एसओएम' प्रतिनिधि होना जरूरी है। इसमें पुरुषों और महिलाओं को बराबर प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान है। इन सुधारों का मकसद खेल प्रशासन में खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाना और पारदर्शिता व जवाबदेही को मजबूत करना है।
'एसओएम' कैटेगरी की वजह से रिटायर हो चुके खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल महासंघ की आम सभा में वोटिंग का हक रखने वाले सदस्य के तौर पर चुने जाने का मौका मिलता है। इससे खिलाड़ी खेल प्रशासन के फैसलों में सीधे हिस्सा ले पाते हैं। रग्बी इंडिया की आम सभा में चुने गए चारों 'एसओएम' सदस्य वोट देने का अधिकार निभाएंगे।
मैदान पर रणनीति और तेज चाल के लिए जाने जाने वाले नासेर हुसेन एशिया रग्बी के पूर्व अध्यक्ष और रग्बी इंडिया के संस्थापक व पूर्व उपाध्यक्ष आगा हुसेन के बेटे हैं। पिता के नक्शे-कदम पर चलते हुए उन्होंने अब रग्बी के प्रशासन में भी नई जिम्मेदारी संभाल ली है।
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