भाईंदर के पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल में चार में से तीन लिफ्ट एक महीने से ज्यादा से बंद
भाईंदर पश्चिम के पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल की तीन लिफ्ट महीने भर से ज्यादा से बंद हैं, मरीज और रिश्तेदार परेशान हैं।
भाईंदर पश्चिम के पंडित भीमसेन जोशी अस्पताल में चार में से तीन लिफ्ट पिछले एक महीने से ज्यादा वक्त से बंद पड़ी हैं। इस वजह से मरीजों और उनके रिश्तेदारों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है, ऐसी शिकायत सामने आई है।
अस्पताल में फिलहाल सिर्फ एक ही लिफ्ट चालू है, इसलिए उस पर बहुत बोझ पड़ रहा है। कई बार मरीजों और रिश्तेदारों को सीढ़ियों से जाना पड़ता है। बताया जा रहा है कि गर्भवती महिलाओं, ज्येष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को इसका सबसे ज्यादा तकलीफ हो रही है।
यह अस्पताल मीरा-भाईंदर शहर के साथ वसई-विरार और पालघर इलाके के लोगों के लिए एक अहम सरकारी अस्पताल है। बताया जाता है कि यहां रोज 500 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं और करीब 100 मरीज अलग-अलग विभागों में भर्ती रहते हैं। जब चार में से तीन लिफ्ट लंबे समय से बंद हैं, तो अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इकलौती चालू लिफ्ट पर मरीज, डॉक्टर, कर्मचारी और रिश्तेदार सब निर्भर हैं, इसलिए वहां भीड़ लगने की शिकायत है।
अस्पताल की पहली मंजिल पर महिला विभाग है। लिफ्ट बंद होने से गर्भवती महिलाओं और महिला मरीजों को सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही हैं, ऐसी शिकायत है। बीमारी या ऑपरेशन के बाद कमजोर हो चुके मरीजों के लिए सीढ़ियां चढ़ना तकलीफदेह साबित हो रहा है। दूसरी मंजिल पर आईसीयू समेत बाकी इलाज के विभाग हैं। वहां भर्ती मरीजों से मिलने आने वाले बुजुर्ग और दिव्यांग रिश्तेदारों को भी लिफ्ट के बिना परेशानी हो रही है।
लिफ्ट के साथ अस्पताल में पानी की सप्लाई का मसला भी उठा है। अस्पताल को पानी महानगरपालिका से मिलता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से सप्लाई कम होने की जानकारी है। इसलिए अस्पताल प्रशासन को टैंकर से पानी मंगवाना पड़ रहा है, ऐसा बताया जा रहा है। जब बड़ी तादाद में मरीज भर्ती हैं और पानी कम पड़ रहा है, तो साफ-सफाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सफाई का सीधा रिश्ता मरीजों की सेहत से है, इसलिए पानी की समस्या जल्द सुलझाने की मांग हो रही है।
राज्य सरकार के तहत आने वाले इस अस्पताल की क्षमता 200 बिस्तरों की है और इमारत ग्राउंड फ्लोर समेत चार मंजिला है। यहां शुरुआती इलाज के साथ तरह-तरह की सर्जरी और दूसरी मेडिकल सुविधाएं मिलती हैं। इलाके की बड़ी आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है।
रुग्ण कल्याण समिति ने अस्पताल में लिफ्ट बंद होने, गंदगी, सुरक्षा की खामियों, पानी की सप्लाई और दूसरी समस्याओं पर चिंता जताई है। समिति के सदस्य ओमप्रकाश गरोडिया ने इन समस्याओं का फौरन हल निकालने की जरूरत बताई। गरोडिया ने कहा कि ठाणे जिले के शल्य चिकित्सक से इस बारे में तुरंत बैठक बुलाने की मांग की गई है।
सवाल यह भी उठ रहा है कि चार में से तीन लिफ्ट इतने वक्त से बंद हैं, फिर भी उनकी मरम्मत अब तक क्यों नहीं हुई। आरोप है कि अस्पताल जैसी जरूरी सेवा की जगह पर लिफ्ट की नियमित देखभाल और वक्त पर मरम्मत होनी चाहिए थी, मगर इसकी अनदेखी हुई। लिफ्ट की मरम्मत और पानी की सप्लाई पर संबंधित पालिका अधिकारियों का पक्ष जानने के लिए संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। अब मरीजों और रिश्तेदारों की नजर इस पर है कि तीनों लिफ्ट कब तक चालू होंगी और पानी की समस्या कब सुलझेगी।