मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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16:41 IST

बाणगंगा तलाव में मरी मछलियां, मंत्री लोढा ने किया मुआयना; 10 कृत्रिम तलाव बनेंगे

वालकेश्वर के बाणगंगा तलाव में दूषित पानी से मछलियां मरीं। कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने मुआयना कर महापालिका को निर्देश दिए।

बाणगंगा तलाव में मरी मछलियां, मंत्री लोढा ने किया मुआयना; 10 कृत्रिम तलाव बनेंगे
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

वालकेश्वर के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले पवित्र बाणगंगा तलाव में दूषित पानी की वजह से मछलियां मर गई हैं। कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने तलाव पहुंचकर मरी हुई मछलियों और तलाव के हाल का मुआयना किया। इस मौके पर महापालिका के डी विभाग के सहायक आयुक्त संतोष साळुंखे और स्थानीय नगरसेवक सन्नी सानप भी मौजूद थे।

लोढा ने बताया कि पितृपक्ष को देखते हुए तलाव की पवित्रता और पर्यावरण को बचाने के लिए जरूरी उपायों पर जोर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर देशभर में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत वार्ड के प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाणगंगा तलाव के आसपास सफाई अभियान चलाया था। पितृपक्ष में यहां पिंडदान समेत कई धार्मिक विधियों के लिए हजारों लोग आते हैं। इन विधियों में इस्तेमाल होने वाले कुछ पदार्थ तलाव के पानी में छोड़ दिए जाते हैं। इससे पानी की गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका है, और जलजीवों पर भी बुरा असर पड़ता दिखा है। इसी वजह से पर्यावरण को बचाने के लिए तलाव परिसर में तुरंत सफाई अभियान चलाया गया।

पिछले गुरुवार को महापालिका के वार्ड अधिकारियों के साथ तलाव परिसर का सीधे जाकर मुआयना किया गया था। पितृपक्ष में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए महापालिका को सूचना दी गई है कि धार्मिक विधियों का सामान तलाव में या आसपास न फेंका जाए, इसके लिए जरूरी सावधानी बरती जाए।

कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने महापालिका को निर्देश दिए कि सफाई, कचरा प्रबंधन और जलजीवों को बचाने के लिए सही उपाय फौरन किए जाएं। 10 कृत्रिम तलाव बनाए जाएंगे। साथ ही दूषित पानी में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पंपों की संख्या बढ़ाई जाएगी। आने वाले शनिवार को पितृपक्ष खत्म होगा और इस दौरान बाणगंगा तलाव परिसर में भारी भीड़ रहती है। इसलिए लोढा ने कहा कि पितृपक्ष के बचे हुए दिनों में और उसके बाद भी तलाव परिसर में सफाई बनी रहे, इसके लिए महापालिका जरूरी सावधानी बरते।

पिंडदान के दौरान इस्तेमाल होने वाले कुछ पदार्थ तलाव के पानी में छोड़े जाते हैं। जलजीव इन्हें खा लें तो उनकी सेहत पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए अपील की गई है कि धार्मिक परंपरा निभाते हुए बाणगंगा तलाव में पिंडदान की विधि पर्यावरण के अनुकूल तरीके से की जाए।

लोढा ने लोगों से सहयोग की अपील भी की। उन्होंने कहा कि बाणगंगा तलाव का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है और पितृपक्ष में बड़ी संख्या में लोग यहां धार्मिक विधियों के लिए आते हैं। पूर्वजों को याद करने और परंपरा निभाने के साथ पर्यावरण को बचाना भी सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। तलाव के जलजीवों को बचाने के लिए लोग पानी में तेल, घी, मीठे पदार्थ या दूसरा सामान न डालें और पिंडदान पर्यावरण के अनुकूल तरीके से करें। बाणगंगा की पवित्रता, सफाई और पर्यावरण बचाने के लिए प्रशासन के साथ लोग भी सहयोग करें, यह अपील मंत्री मंगलप्रभात लोढा ने की।

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