बच्चों के पुराने कपड़े, किताबें और खिलौने घर में रखना ठीक है या नहीं, जानें वास्तु के नियम
बच्चों की पुरानी चीजें संभालकर रखना ज्यादातर घरों में भावनात्मक फैसला होता है, लेकिन वास्तुशास्त्र इन चीजों को लेकर कुछ साफ नियम बताता है।
बच्चे बड़े होते जाते हैं, और उनके छोटे हो चुके कपड़े, जूते, खिलौने और पालना अक्सर घर में यूं ही पड़े रहते हैं। ज्यादातर पेरेंट्स इसे यादों से जोड़कर देखते हैं, इसलिए इन चीजों को फेंकने का मन नहीं करता। पर धीरे-धीरे ये सामान बढ़ता जाता है और फिर सवाल आता है कि आखिर इनका करना क्या है। वास्तुशास्त्र के हिसाब से घर में रखी चीजों का असर वहां के माहौल और पॉजिटिव एनर्जी पर पड़ता है, इसलिए इसे लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं।
सबसे पहले बात करते हैं पुराने कपड़ों की। वास्तु के मुताबिक जो कपड़े लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं हैं, उन्हें बेवजह घर में जमा करके नहीं रखना चाहिए। खासकर फटे, गंदे या खराब हो चुके कपड़े घर में रखने के बजाय जरूरतमंद लोगों को दान कर देना बेहतर माना जाता है। इससे घर में फालतू का सामान भी कम होता है और जगह भी व्यवस्थित रहती है। हालांकि अगर बच्चों की यादों से जुड़े कुछ खास कपड़े संभालकर रखने हों, तो उन्हें अच्छी तरह धोकर, सही से तह करके सूखी और साफ-सुथरी जगह पर रखा जा सकता है।
यही बात खिलौनों पर भी लागू होती है। जो खिलौने टूट चुके हैं, खराब हो गए हैं या काफी समय से इस्तेमाल नहीं हो रहे, उन्हें घर में रखना ठीक नहीं माना जाता। वास्तुशास्त्र के अनुसार टूटी हुई चीजें निगेटिविटी से जुड़ी होती हैं। इसलिए अगर टूटा हुआ खिलौना ठीक हो सकता है तो उसे ठीक करा लेना चाहिए, वरना घर से हटा देना ही सही रहता है। जो खिलौने अच्छी हालत में हैं और काम के हैं, उन्हें छोटे बच्चों को दिया जा सकता है या जरूरतमंदों को दान किया जा सकता है।
बच्चे के पालने और जूतों का भी घर में खास भावनात्मक महत्व होता है। वास्तु के मुताबिक जो पालना इस्तेमाल में नहीं है, उसे घर के किसी कोने में लंबे समय तक धूल खाते हुए नहीं छोड़ना चाहिए। अगर भविष्य में उसे फिर से इस्तेमाल करना हो, तो उसे साफ करके किसी सुरक्षित और सूखी जगह पर रखा जा सकता है। पालने को टूटे-फूटे सामान या गंदगी के बीच रखना सही नहीं माना जाता। अगर पालना अब इस्तेमाल नहीं होना है, तो उसे किसी जरूरतमंद परिवार को दान कर देना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
वास्तुशास्त्र के मुताबिक बच्चों की पुरानी चीजों की समय-समय पर जांच करते रहना चाहिए और जिन चीजों की अब जरूरत नहीं है, उन्हें हटा देना चाहिए। जो कपड़े और खिलौने अच्छी हालत में हैं लेकिन इस्तेमाल नहीं हो रहे, उन्हें अलग कर देना चाहिए। अलमारी या स्टोर रूम में बेकार पड़ी चीजों की जगह रोजमर्रा के काम आने वाला सामान ही रखा जाए। हां, बच्चों से जुड़ी जो चीजें परिवार के लिए भावनात्मक रूप से खास हैं, उन्हें जरूर संभालकर रखा जा सकता है।