अनंत चतुर्दशी: पुरुष और महिलाएं अनंत सूत्र किस हाथ पर बांधें, जानें सही नियम
भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है, इस दिन कलाई पर अनंत सूत्र बांधने की परंपरा है। जानिए पुरुष, अविवाहित लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के लिए क्या नियम बताए गए हैं।
भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सनातन धर्म में बड़ा महत्व दिया जाता है। इस बार अनंत चतुर्दशी शुक्रवार, 25 सितंबर को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। इसी दिन पूजा के दौरान कलाई पर अनंत सूत्र बांधने की पुरानी परंपरा चली आ रही है, और इस धागे को बहुत पवित्र माना जाता है।
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि यह अनंत सूत्र आखिर बांधा क्यों जाता है, और इसे किस हाथ पर बांधना सही रहता है। धर्मग्रंथों में इसके नियम साफ बताए गए हैं। आइए जानते हैं कि अनंत चतुर्दशी पर यह धागा क्यों बांधा जाता है और इसे बांधने का सही तरीका क्या है।
अनंत चतुर्दशी पर पहना जाने वाला यह अनंत सूत्र सिर्फ एक सुरक्षा धागा भर नहीं है, बल्कि इसे खुद भगवान विष्णु का ही एक सूक्ष्म और भला करने वाला रूप माना जाता है। कलाई पर यह पवित्र धागा बांधने का मुख्य मकसद भगवान अनंत यानी विष्णु का आशीर्वाद पाना है। इसके अलावा यह धागा जीवन में आने वाली जानी-अनजानी मुसीबतों से बचाव के लिए भी बांधा जाता है। शास्त्रों के मुताबिक यह धागा इंसान को मानसिक ताकत, आत्मविश्वास और नेगेटिव शक्तियों से सुरक्षा देता है। इस धागे को पहनने से जीवन की चुनौतियां कम होती हैं और हर तरफ से सुरक्षा मिलती है, इसीलिए इस शुभ दिन पूजा करके यह पवित्र धागा पहनना खास माना जाता है।
यह धागा बांधने को लेकर धर्मग्रंथों में साफ और सख्त नियम बताए गए हैं, जिनका पालन जरूरी माना जाता है। इन नियमों के अनुसार पुरुषों और अविवाहित लड़कियों को अनंत सूत्र हमेशा अपने दाहिने हाथ की कलाई पर बांधना चाहिए। सनातन परंपरा में शुभ मौकों और धार्मिक रस्मों के लिए पुरुष के शरीर की दाहिनी तरफ को प्रमुख माना गया है।
वहीं यह नियम सिर्फ शादीशुदा महिलाओं के लिए अलग है। शादीशुदा महिलाओं को यह सुरक्षा धागा अपने बाएं हाथ की कलाई पर बांधना चाहिए। शास्त्रों के मुताबिक महिला की बाईं तरफ को उसके भाग्य और उसके पति से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसीलिए पुरुष और महिलाएं दोनों को यह पवित्र धागा अपने-अपने हाथों पर धारण करना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार दाहिने हाथ पर अनंत सूत्र बांधने से कई खास आध्यात्मिक फायदे मिलते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि पुरुषों और अविवाहित लड़कियों के दाहिने हाथ पर और शादीशुदा महिलाओं के बाएं हाथ पर यह सुरक्षा धागा बांधने से भगवान अनंत का आशीर्वाद मिलता है।
दाहिने हाथ में धागा बांधने से शरीर की ऊर्जा सही दिशा में बहने में मदद मिलती है और इंसान की मानसिक स्थिति मजबूत होती है। इसके असर से जीवन की जानी-अनजानी अड़चनों से बचाव होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। जब कोई इंसान शास्त्रों में बताई पूरी विधि और नियमों का पालन करते हुए यह पवित्र धागा बांधता है, तभी उसे पूजा और व्रत का पूरा फायदा मिलता है। यही वजह है कि इस शुभ दिन दाहिने हाथ पर अनंत सूत्र बांधना एक परंपरा मानी जाती है।