अहमदाबाद के BRICS खेल महोत्सव में योगासन और मल्लखंब ने चीन, दक्षिण अफ्रीका को प्रभावित किया
पहले BRICS पारंपरिक और स्वदेशी क्रीडा प्रात्यक्षिक महोत्सव 2026 में भारत के योगासन, मल्लखंब और कलरीपयट्टू की खूब तारीफ हुई। चीन, दक्षिण अफ्रीका और रूस के प्रतिनिधियों ने भारत के स्वागत की भी सराहना की।
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अहमदाबाद के वीर सावरकर क्रीडा संकुल में हुए पहले 'BRICS पारंपरिक और स्वदेशी क्रीडा प्रात्यक्षिक महोत्सव 2026' में भारत के योगासन ने चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों को खूब प्रभावित किया। योगासन के साथ मल्लखंब और कलरीपयट्टू ने भी वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। एक दिन के इस कार्यक्रम में 10 देशों के करीब 160 खिलाड़ी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
सोमवार को हुए इस महोत्सव में हर देश ने अपने पारंपरिक और स्वदेशी खेल दिखाए। चीन का वुशू, भारत का मल्लखंब, कझाकस्तान का तोगिझकुमालक और ब्राजील का ब्राजीलियन जिऊ-जित्सू इनमें शामिल थे। भारत की प्रस्तुति में योगासन भी था, और इससे साफ हुआ कि योग को लेकर दुनिया भर में दिलचस्पी बढ़ रही है। चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों ने भारतीय योगासन की खास तारीफ की।
दक्षिण अफ्रीका के शेफ-डी-मिशन फिलासांडे मैकविली ने बातचीत में योग की अहमियत बताई। उनके मुताबिक योग दक्षिण अफ्रीका में भी लोकप्रिय गतिविधियों में से एक है। तनाव कम करने, शरीर का लचीलापन बढ़ाने और शरीर को तरोताजा रखने के लिए कई लोग योग करते हैं। उन्होंने कहा, "हमें योग बहुत पसंद है।"
वीर सावरकर क्रीडा संकुल में करीब 3 हजार दर्शक मौजूद थे। भारतीय युवा टीम के मल्लखंब प्रदर्शन को उन्होंने दिल खोलकर सराहा। इसके बाद योगासन की लयबद्ध और आकर्षक प्रस्तुति हुई।
चीन के शेफ-डी-मिशन यी लियू ने भी भारतीय योगासन की तारीफ की। उन्होंने कहा, "आज हमने योग के बारे में बहुत कुछ देखा और सीखा। अभ्यास के दौरान छोटे बच्चों को अद्भुत हरकतें करते देखा। हम योग के बारे में और जानना चाहते हैं।"
इस महोत्सव से अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों को अपने खेलों की जानकारी और अनुभव एक दूसरे से साझा करने का मौका मिला। एक चीनी वुशू खिलाड़ी ने नारायणपुरा में भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के खिलाड़ियों को वुशू की बारीकियां सिखाईं।
खेल प्रदर्शनों के साथ भारत की मेहमाननवाजी और आयोजन की भी भागीदार देशों के प्रतिनिधियों ने तारीफ की। यी लियू ने बताया कि भारत पहुंचने के बाद से चीनी प्रतिनिधियों का बढ़िया स्वागत हुआ। आधी रात को एयरपोर्ट पहुंचने पर भी डांस टीम ने उनका स्वागत किया। उन्हें भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खाने का स्वाद चखने का मौका मिला, और डोसा उनके लिए खास अनुभव रहा।
रूसी प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख ज्लाटा याकोवलेवा ने भी भारत की मेहमाननवाजी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि BRICS देशों के बीच दोस्ती और ऐसे कार्यक्रमों में साथ हिस्सा लेने का मौका, इस महोत्सव की सबसे पसंदीदा बात रही।
महोत्सव में सबसे ज्यादा 50 प्रतिभागी भारत के थे। चीन ने 30, ईरान ने 22 और दक्षिण अफ्रीका ने 14 लोगों की टीम भेजी थी।
बेलारूस ने गोरोडकी, बोलिविया ने लुचा दे चोलितास और टिंकू, ब्राजील ने जिऊ-जित्सू और कैपोइरा, चीन ने लायन डांस, वुशू और हेल्थ किगोंग, जबकि ईरान ने जुरखानेह, हफ्त संग और घनिये का प्रदर्शन किया।
कझाकस्तान ने असिक अटू, तोगिझकुमालक और कझाक कुरेसी, रूस ने साम्बो और गोरोडकी, दक्षिण अफ्रीका ने कगाती और इंटोंगा, और संयुक्त अरब अमीरात ने अल्ताब्बाह जैसे पारंपरिक खेल पेश किए। भारत ने मल्लखंब, योगासन और कलरीपयट्टू के जरिए अपनी सांस्कृतिक और खेल परंपरा दुनिया के सामने रखी।