आयुष प्रवेश 2026: राज्य में मेडिकल की पहली मेरिट लिस्ट जारी, 10,519 स्टूडेंट्स को कॉलेज मिला
राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा कक्ष ने बीएएमएस, बीएचएमएस और बीयुएमएस कोर्स की पहली सीट आवंटन लिस्ट जारी की, जिसमें 166 मेडिकल कॉलेजों की सीटें बांटी गईं।
राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा कक्ष की तरफ से शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए आयुष मेडिकल एजुकेशन के अंतर्गत आने वाले तीन कोर्स की सेंट्रलाइज्ड एडमिशन प्रोसेस की पहली सीट आवंटन लिस्ट जारी कर दी गई है। ये तीन कोर्स हैं आयुर्वेद यानी बीएएमएस, होम्योपैथी यानी बीएचएमएस और यूनानी यानी बीयुएमएस।
इस पहली लिस्ट में राज्य के 166 मेडिकल कॉलेजों की कुल 11,272 सीटों में से 10,519 स्टूडेंट्स को एडमिशन का मौका मिला है। जबकि 753 सीटें अभी खाली रह गई हैं, ये खाली सीटें दूसरे राउंड के लिए उपलब्ध रहेंगी।
बीएएमएस कोर्स की बात करें तो पहली लिस्ट में राज्य के 113 मेडिकल कॉलेजों की 7,689 सीटों में से 7,546 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला है। इसमें 16 सरकारी कॉलेजों में 1,157 और 97 प्राइवेट कॉलेजों में 6,389 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला। कुल 143 सीटें खाली रह गईं।
होम्योपैथी यानी बीएचएमएस कोर्स की पहली लिस्ट में राज्य के 48 मेडिकल कॉलेजों की 3,333 सीटों में से 2,727 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला है। इसमें 2 सरकारी कॉलेजों में 134 और 46 प्राइवेट कॉलेजों में 2,593 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला। कुल 606 सीटें खाली रहीं।
यूनानी यानी बीयुएमएस कोर्स की पहली लिस्ट में राज्य के 5 मेडिकल कॉलेजों की 250 सीटों में से 246 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला। इसमें 2 सरकारी कॉलेजों में 102 और 3 प्राइवेट कॉलेजों में 144 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला। कुल 4 सीटें खाली रहीं।
जिन स्टूडेंट्स को पहले राउंड में कॉलेज अलॉट हुआ है, उन्हें 28 सितंबर 2026 से 1 अक्टूबर 2026 शाम 5.30 बजे तक जरूरी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और जरूरी फीस के डिमांड ड्राफ्ट के साथ अलॉट हुए कॉलेज में खुद जाकर एडमिशन कन्फर्म करना जरूरी है।
बैंक की छुट्टी वाले दिन चेक से फीस भरने की परमिशन रहेगी, लेकिन अगले वर्किंग डे पर उसे डिमांड ड्राफ्ट से बदलना जरूरी होगा। अगर कैंडिडेट अगले वर्किंग डे पर डिमांड ड्राफ्ट जमा नहीं करता, तो उसका एडमिशन रद्द किया जा सकता है।
कुल मिलाकर तीनों कोर्स के 166 कॉलेजों में 11,272 सीटों में से 10,519 सीटें पहले राउंड में भर गई हैं और 753 सीटें दूसरे राउंड के लिए बची हैं।