मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
18:58 IST

आतंकवाद पर हमदर्दी बर्दाश्त नहीं, जयशंकर ने अमेरिका-पाक रिश्तों पर साफ बात रखी

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका दौरे में एशिया सोसायटी के न्योते पर दिए भाषण में आतंकवाद को लेकर भारत का रुख साफ किया।

आतंकवाद पर हमदर्दी बर्दाश्त नहीं, जयशंकर ने अमेरिका-पाक रिश्तों पर साफ बात रखी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। अमेरिका की एशिया सोसायटी के न्योते पर वे वहां पहुंचे हैं। सोमवार को उन्होंने जो भाषण दिया, वह अभी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। वजह यह है कि उन्होंने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकी पर अपनी बात रखी।

खबर में कहा गया है कि पाकिस्तान खुद बरसों से आतंकवाद की आंच झेल चुका है, फिर भी वह आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। खबर के मुताबिक अमेरिका परदे के पीछे से उसकी मदद कर रहा है और यह सबको पता है। कश्मीर के पुलवामा में हाल के दिनों में जो कायराना हमला हुआ, उससे भारत और पाकिस्तान के रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए। खबर में यह भी कहा गया है कि भारत को लगातार परेशान रखने के लिए अमेरिका और चीन पाकिस्तान का इस्तेमाल करते हैं।

इसी सिलसिले में ट्रम्प का एक बयान याद दिलाया गया है। ट्रम्प ने एक बार खुलेआम कहा था कि अमेरिका ने चीन को हल्के में लेकर जो गलती की, वही गलती वह भारत के साथ दोबारा नहीं करेगा। जयशंकर ने अमेरिका को इसी तरह की खरी-खरी सुनाई है।

इस भाषण की पृष्ठभूमि यह है कि पिछले डेढ़ साल में भारत और अमेरिका के रिश्ते खास अच्छे नहीं रहे हैं। भारत के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इसके लिए ट्रम्प की अड़ियल सोच जिम्मेदार है।

आतंकवाद पर भारत का रुख साफ है। भारत ने वक्त-वक्त पर दुनिया के हर मंच पर आतंकवाद का विरोध किया है, क्योंकि उसने इसकी कीमत चुकाई है। खबर में कहा गया है कि आज भी पाकिस्तान की आतंकी कार्रवाइयों में भारतीय नागरिकों की जान जा रही है, और भारतीय सेना ने आतंकियों को समय-समय पर करारा जवाब दिया है। जयशंकर ने कहा कि भारत की सुरक्षा की चिंताएं और सीमापार आतंकवाद का मुद्दा अमेरिका के साथ रिश्तों में अहम है।

भारत के कहने के मुताबिक पाकिस्तान से जुड़ा आतंकवाद सिर्फ इलाके का मसला नहीं है, वह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। भारत चाहता है कि अमेरिका इस मामले को ज्यादा गंभीरता से ले। भारत का रुख यह भी है कि अमेरिका ईमानदारी से आतंकवाद का विरोध करे और अपनी सुविधा के हिसाब से आतंकवाद की परिभाषा तय न करे।

अमेरिका और भारत के रिश्तों में व्यापार, रक्षा और तकनीक सहयोग के अहम क्षेत्र हैं। लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों के रुख में मतभेद बढ़े, तो उसका असर रिश्तों पर पड़ सकता है। भारत पाकिस्तान की ओर से होने वाले सीमापार आतंकवाद का मुद्दा लगातार उठाता रहा है और चाहता है कि अमेरिका उसकी सुरक्षा चिंताओं का ध्यान रखे। अमेरिका की पाकिस्तान नीति पर भी भारत की बारीक नजर है।

सुरक्षा के सवालों पर मतभेद बढ़ने से कूटनीतिक स्तर पर तनाव पैदा हो सकता है। इसका असर रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर पड़ने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। फिर भी फिलहाल अमेरिका और भारत के रिश्तों में सहयोग के कई अहम क्षेत्र बने हुए हैं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे