आंतों के कैंसर का खतरा कम करने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल और सब्जियां
डॉक्टरों के मुताबिक सही खानपान से आंतों का कैंसर पूरी तरह टाला तो नहीं जा सकता, लेकिन शरीर को हेल्दी रखने में मदद जरूर मिलती है।
पहले जो बीमारियां साठ या सत्तर साल की उम्र में होती थीं, वो अब कम उम्र में ही लोगों को घेर रही हैं। कैंसर, हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियां अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, युवा लड़के-लड़कियां भी इनकी चपेट में आ रहे हैं। लाइफस्टाइल में आए बदलावों का सीधा असर शरीर पर पड़ता है और इसी वजह से सेहत बिगड़ने लगती है।
आतड़ों के कैंसर को पहले उम्र बढ़ने और खानदानी वजहों से जुड़ी बीमारी माना जाता था। लेकिन अब बदलती जीवनशैली, काम का बढ़ता तनाव और शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से यह किसी को भी हो सकता है।
आतड़ों का कैंसर सबसे खतरनाक कैंसर में गिना जाता है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करके समय रहते इलाज कराना बहुत जरूरी है। वरना शरीर से जुड़ी दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। यह समझना जरूरी है कि किसी खास फल या सब्जी के खाने से आंतों का कैंसर पूरी तरह टल जाएगा, ऐसा नहीं है। लेकिन शरीर का सही तरीके से ख्याल रखने पर सेहत बेहतर बनी रह सकती है।
जंक फूड बार-बार खाने की आदत रखने वालों और भागदौड़ भरी जिंदगी में बाहर का खाना खाने वालों में गंभीर बीमारियों का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट, रिफाइंड कार्ब्स और ज्यादा कैलोरी वाली चीजें बहुत ज्यादा खाने से भी आंतों के कैंसर की आशंका बढ़ती है। डाइट में फाइबर वाली चीजें लेने से आंतों में जमा हुआ विषैला मल बाहर निकलने में मदद मिलती है। खाने से मिलने वाले विटामिन और मिनरल्स पूरे शरीर के अंगों को ताकत देते हैं और सेहत को ठीक रखते हैं।
आतड़ों के कैंसर के पीछे जो वजहें बताई गई हैं उनमें शारीरिक गतिविधि न करना या बैठे रहने वाली जीवनशैली, शरीर का बेवजह बढ़ा हुआ वजन, रेड मीट और हॉट डॉग, सॉसेज जैसा प्रोसेस्ड मीट खाना, और धूम्रपान करना शामिल हैं।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए खानपान में बदलाव करना बहुत जरूरी है। सेब, अमरूद, संतरा, नाशपाती, बेरीज और पपीता जैसे फाइबर वाले फलों को डाइट में शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी, गाजर, बीन्स और मटर जैसी सब्जियां भी खानी चाहिए। ओट्स, ब्राउन राइस, गेहूं से बने खाने की चीजें और मोटे अनाज खाने से भी शरीर को जरूरी मात्रा में फाइबर मिलता है।
यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है, किसी इलाज का दावा नहीं है। कोई भी उपाय अपनाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें।